राजगढ़ (पवन तोमर, ब्यूरो चीफ),
सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष स्कूली खेलों का आयोजन करने के स्थान पर केवल ट्रायल के माध्यम से खिलाड़ियों का चयन करने के निर्णय पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व ए.डी.पी.ओ. जिला सिरमौर श्री रमेश सरेक ने कहा कि स्कूली खेलों को रद्द कर केवल ट्रायल करवाना बच्चों के साथ न्याय नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को ट्रायल देने के लिए दूर-दराज़ तक यात्रा करनी पड़ी तो यह ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए बेहद कठिन होगा।
उन्होंने शिक्षा विभाग से आग्रह किया कि खेल प्रतियोगिताओं को स्थगित करने की बजाय पहले की भांति खण्ड एवं ब्लॉक स्तर पर नियमित रूप से आयोजित किया जाए। सरेक ने कहा कि दिन में ट्रायल आयोजित करना भी व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि छात्र-छात्राओं के लिए पढ़ाई के बीच इस प्रकार भाग लेना संभव नहीं होता।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केवल ट्रायल के आधार पर चयन किया गया तो अनेक प्रतिभाशाली बच्चे इन खेलों से वंचित रह जाएंगे। खेल केवल चयन का माध्यम नहीं बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का अवसर होते हैं।
अतः उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से पुनर्विचार करने और बच्चों के भविष्य को देखते हुए खेल प्रतियोगिताओं को पूर्व की भांति आयोजित करने की मांग की।
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