ब्यूरो रिपोर्ट शिमला
प्रदेश सरकार ने वोकेशनल ट्रेनर्स की आंदोलन अवधि को नियमित करने पर अब तक कोई फैसला नहीं लिया है। इसके चलते अब इन ट्रेनर्स की 15 दिन की सैलरी काटी जाएगी। संबंधित कंपनियों ने वेतन कटौती की तैयारी शुरू कर दी है और स्कूलों से हाजिरी का रिकॉर्ड मंगवाया गया है।बताया जा रहा है कि कंपनियां 29 मार्च से 15 अप्रैल तक आंदोलन पर रहे ट्रेनर्स का वेतन केवल उनकी उपस्थिति के आधार पर जारी करेंगी। इस बार सरकार से उम्मीद के बावजूद आंदोलन अवधि को नियमित नहीं किया गया है, जिससे ट्रेनर्स को बड़ा झटका लगा है।हर महीने 30 तारीख तक हाजिरी का रिकॉर्ड लिया जाता है और 7 तारीख तक वेतन जारी कर दिया जाता है। लेकिन इस बार आंदोलन के कारण ट्रेनर्स को केवल 15 दिन की तनख्वाह मिलने की संभावना है।दूसरी ओर, टर्मिनेट किए गए चार वोकेशनल ट्रेनर्स की बहाली पर भी सरकार की ओर से अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। ये चारों ट्रेनर्स प्रदेश वोकेशनल ट्रेनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी हैं, जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान विभाग के खिलाफ नारेबाजी की थी।अब इनकी नौकरी पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
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