स्वास्थ्य

देश में एचएमपीवी वायरस के 5 मामले आने से राज्य सरकार अलर्ट

शिमला (विकास शर्मा, ब्यूरो चीफ),

कोरोना के बाद अब एचएमपीवी वायरस की दुनियाभर में चर्चा है । देश में एचएमपीवी वायरस के 5 मामले आने के बाद राज्य सरकार ने हिमाचल में अलर्ट जारी कर दिया है। मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने इसको लेकर हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य सचिव के साथ बैठक की। इसके बाद स्वास्थ्य सचिव ने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों को वायरस को लेकर अलर्ट जारी किया। बाहरी राज्यों से हिमाचल आने वाले लोगों पर नजर रखने को कहा गया है। एनएचएम के उप मिशन निदेशक डॉ. गोपाल बैरी ने कहा कि सभी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को अलर्ट कर दिया है। मास्क, पीपीई किट, ऑक्सीजन कसंट्रेटर समेत दवाइयों का स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त स्टॉक है।

ह्यूमन मोटान्यूमोवायरस, जिसे एचएमपीवी के छोटे नाम से भी जाना जाता है, इंसानों की श्वसन प्रक्रिया पर प्रभाव डालने वाला वायरस है। इसकी पहली बार पहचान 2001 में हो गई थी। तब नीदरलैंड के वैज्ञानिकों ने इसका पता लगाया था। यह पैरामाइक्सोविरीडे परिवार का वायरस है। श्वसन संबंधी अन्य वायरस की तरह यह भी संक्रमित लोगों के खांसने-छींकने के दौरान उनके करीब रहने से फैलता है। कुछ स्टडीज में दावा किया गया है कि यह वायरस पिछले छह दशकों से दुनिया में मौजूद है।

यह मुख्य तौर पर बच्चों पर असर डालता है। हालांकि, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों और बुजुर्गों पर भी इसका प्रभाव दर्ज किया गया है। इस वायरस की वजह से लोगों को सर्दी, खांसी, बुखार, कफ की शिकायत हो सकती है। ज्यादा गंभीर मामलों में गला और श्वांस नली के जाम होने से लोगों के मुंह से सीटी जैसी खरखराहट भी सुनी जा सकती है। कुछ और गंभीर स्थिति में इस वायरस की वजह से लोगों को ब्रोंकियोलाइटिस (फेफड़ों में ऑक्सीजन ले जाने वाली नली में सूजन) और निमोनिया (फेफड़ों में पानी भरना) की स्थिति पैदा कर सकता है। इसके चलते संक्रमितों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ सकती है।

चूंकि इसके लक्षण कोरोनावायरस संक्रमण और आम फ्लू से मिलते-जुलते हैं, इसलिए इन दोनों में अंतर बता पाना मुश्किल है। हालांकि, जहां कोरोनावायरस की महामारी हर सीजन में फैली थी। वहीं एचएमपीवी अब तक मुख्यतः मौसमी संक्रमण ही माना जा रहा है। हालांकि, कई जगहों पर इसकी मौजूदगी पूरे साल भी दर्ज की गई है। कोरोना के तरह इस वायरस के कारण ऊपरी और निचले दोनों श्वसन पथ में संक्रमण का खतरा हो सकता है। सामान्य मामलों में इस वायरस का असर तीन से पांच दिन तक रहता है।

Himachal Darpan

Recent Posts

माता बाला सुंदरी मंदिर के पास हादसा: पैरापिट से गिरकर युवक की मौत, शिनाख्त नहीं

संध्या कश्यप नाहन। जिला सिरमौर के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता बाला सुंदरी मंदिर के समीप शुक्रवार…

6 hours ago

पांवटा साहिब में ओवरलोड डंपरों पर पुलिस का कड़ा एक्शन, 4 वाहन जब्त

नाहन (संध्या कश्यप ,संवाददाता ), औद्योगिक क्षेत्र पांवटा साहिब में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के…

7 hours ago

60 पेटियां सड़क पर बिखरीं, अहाते में मौजूद लोग बाल-बाल बचे

निशेष शर्मा राजगढ़। जिला सिरमौर के राजगढ़ शहर में शुक्रवार को देसी शराब से लदी…

8 hours ago

एसजेवीएन ने रामपुर में 25वां आंतर-सीपीएसयू कबड्डी टूर्नामेंट सफलतापूर्वक कराया आयोजित

रामपुर बुशहर (सुरजीत नेगी,संवाददाता ), एसजेवीएन 412 मेगावाट रामपुर हाईड्रो परियोजना में आयोजित 25वें आंतर-सीपीएसयू…

10 hours ago

राशन डिपो में रिफाइंड तेल महंगा, अप्रैल से 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी

ब्यूरो रिपोर्ट कांगड़ा। जिला कांगड़ा में राशन कार्ड धारकों को अप्रैल माह से रिफाइंड तेल…

17 hours ago

नशे के खिलाफ एक्शन, 43 ग्राम चिट्टा संग आरोपी काबू

जीवन सिंह बिलासपुर। जिला बिलासपुर के झंडूता उपमंडल के शाहतलाई क्षेत्र में पुलिस ने नशा…

17 hours ago