किन्नौर (देवकला नेगी, संवाददाता),
प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने 17.02.2024 को अपने कार्यकाल का दूसरा बजट पेश किया जो कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए निराशा जनक रहा है । वहीं जिला आउटसोर्स कर्मचारियों महासंघ के जिलाध्यक्ष कमल किशोर नेगी ने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों के लिए केवल 25 रूपये प्रतिदिन वेतन बड़ा कर कर्मचारियों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पिछले 16-20 वर्षों से विभिन्न विभागों, निगमों और बोर्डो मे अपनी सेवाएं दे रहे है परंतु इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई भी सरकार आज तक इन कर्मचारियों के लिए स्थाई निति और समान काम समान वेतन लागू नही कर पाऐ । जितनी भी सरकारे आई तथा गई सभी ने आश्वासन ही दिया है और केवल चुनावी वर्षों में निति बनाने की बात कर उनके वोट हासिल करने की कोशिश जाती है और चुनाव के पश्चात कर्मचारियों को भूल जाते है ।
उन्होंने कहा कि पूर्व में भाजपा की सरकार द्वारा भी वर्ष 2022 में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए निति बनाने की बात कही गई लेकिन ना बनाने पर उन्हे इसका खामियाजा चुनाव में भुगतना पड़ा । कांग्रेस सरकार व वर्तमान में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों की निति बनाने और उनकी नौकरी सुरक्षित करने की बात थी और आउटसोर्स कर्मचारियों ने चुनाव में कांग्रेस सरकार का भी सर्मथन किया परन्तु वर्तमान सरकार भी अभी तक कोई ठोस कदम नही उठा रही है और आज के इस महगाई के केवल 25 रूपये प्रतिदिन बढाया है जो कि आउटसोर्स कर्मचारियों की वर्ष 2017 में जारी नीति निर्देश में दिया गया है जब भी दैनिक वेतन कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी उसी तर्ज पर आउटसोर्स कर्मचारियों की वेतन में बढ़ोतरी होगी इस वर्ष दैनिक वेतन कर्मचारियो के वेतन 25 रूपये की बढ़ोतरी की गई जो अब 375 से बड कर 400 रूपये कर दिया है जो कि मासिक 12000 रूपये बनते है लेकिन आउटसोर्स कर्मचारियों को यह वेतन लाभ उनकी नीति के तहत वैसे ही मिलना था। आज के इस मंहगाई के दौर में 12000 वेतन में परिवार का पालन पोषण करना असंभव है और जन जनजातिय क्षेत्रों में इन कर्मचारियों को 25 प्रतिशत अतिरिक्त वेतन मानदेय दिया जाना है वह भी जिले में कई विभागों के कर्मचारियों को दिया जा रहा है और कई विभाग के कर्मचारियों नही दिया जा रहा है जिस कारण क्षेत्र में कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है ।
कमल किशोर नेगी के कहा कि आउटसोर्स कर्मचारी महांसघ ने पिछले शीतकालीन सत्र में तीन सूत्रीय मांग पत्र सौंपा था जिसमे सरकार ने अभी तक कोई गौर नहीं किया है जिसमें सबसे पहले नौकरी की सुरक्षा, समान काम समान वेतन और बिचौलियों को बहार करना शामिल था परंतु सरकार ने अभी तक कोई मांग पूरी नही की है जिससे प्रदेश के तमाम आउटसोर्स कर्मचारियों में भारी रोष व मन में पीडा है। आउटसोर्स कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से मांग रखी है कि इन कर्मचारियों तथा कर्मचारियों के आश्रित परिवारों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए इन कर्मचारियों की मांग का जल्द पूरा करें ।
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