मुख्य समाचार

कुत्तों व बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए महापौर को सौंपा ज्ञापन

शिमला (विकास शर्मा, ब्यूरो चीफ),

कुत्तों व बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए शिमला नागरिक सभा का एक प्रतिनिधिमंडल नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान व उप महापौर उमा कौशल से मिला व उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। शिमला नागरिक सभा ने मांग की है कि कुत्तों व बंदरों की समस्या से तुरन्त निज़ात दिलाई जाए व इनके हमलों के शिकार हुए लोगों को उचित मुआवजा, क्षतिपूर्ति, प्रतिपूर्ति, नुकसान भरपाई राशि दी जाए अन्यथा नागरिक सभा को आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ेगा। महापौर ने आश्वासन दिया कि इस संदर्भ में जल्द ही ठोस कदम उठाया जाएगा व इसका समाधान किया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल में विजेंद्र मेहरा, जगत राम, अनिल ठाकुर, राम प्रकाश, सुनील वशिष्ठ, विवेक कश्यप, दीप राम, प्रताप, रत्ती राम, राजन खाची, श्याम, पवन, हिमांशु, राम कृष्ण आदि शामिल रहे।

शिमला नागरिक सभा सह संयोजक विजेंद्र मेहरा ने कहा है कि कुत्तों व बंदरों के बढ़ते आतंक व हमलों से शिमला शहर में पिछले कुछ वर्षों में कई लोगों की जान जा चुकी है व कई गम्भीर रूप से घायल हुए हैं। इनमें शिमला शहर व टूटू ढांढा के प्रकरण जगज़ाहिर हैं। कुत्तों व बंदरों द्वारा स्थानीय जनता व पर्यटकों को काटना आम बात हो गयी है। शिमला शहर विश्व मानचित्र पर एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है। यहां पर कुत्तों व बंदरों के आतंक से स्थानीय जनता का डर के साये में जीने व पर्यटकों के आने जाने में बाधा उत्पन्न होने आदि मसलों पर वर्षों से नगर निगम शिमला का निष्क्रिय रहना, चुप्पी साधना व इस संदर्भ में कोई नीति न बनाना समझ से परे है। बंदरों व कुत्तों द्वारा नागरिकों को काटने पर माननीय उच्च न्यायालय हिमाचल प्रदेश भी कई बार टिप्पणी कर चुका है परन्तु नगर निगम शिमला फिर भी कोई ठोस पहलकदमी नहीं कर पाया है। कुत्तों व बंदरों के झुंडों के माल रोड़ शिमला पर अबाध घूमने, लोगों को काटने, पर्यटकों से सामान छीनने, उन पर जानलेवा हमला करने व शिमला शहर में गन्दगी फैलाने से पर्यटक स्थल शिमला का विश्व मानचित्र पर नाम धूमिल हुआ है। इस से परोक्ष रूप से शिमला शहर के पर्यटन पर भी विपरीत असर पड़ा है।

हालिया घटनाक्रम 9 फरवरी 2024 का है जब शहर के बीचोंबीच डीसी ऑफिस व सीटीओ के पास 20 से ज़्यादा कुत्तों के एक झुंड ने शिमला शहर के एक वरिष्ठ नागरिक जगत राम पर हमला कर दिया जिसमें उन्हें गम्भीर चोटें आईं। वह बड़ी मुश्किल से वहां से जान बचाकर भागने में सक्षम हुए। शहर के बीचोंबीच कुत्तों व बंदरों के झुंड का अबाध घूमना व नागरिकों पर जानलेवा हमला करना आम बात हो गयी है। इस से शिमला के माल रोड़ तक में लोगों का घूमना दूभर हो गया है। शहर के अन्य इलाकों की हालत तो इस से भी दयनीय व गम्भीर है।

Himachal Darpan

Recent Posts

नाहन के रानी का बाग़ में 29 मार्च को बिजली रहेगी बंद

नाहन (संध्या कश्यप ,संवाददाता ), नाहन शहर के रानी का बाग़ क्षेत्र में 29 मार्च…

12 hours ago

अंडमान-निकोबार में तैनात हिमाचल के अधिकारी अनुपम मेहता का निधन।

ब्यूरो रिपोर्ट हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के उपमंडल धीरा के तहत आने वाली ग्राम…

13 hours ago

टीजीटी (मेडिकल) भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित, 166 अभ्यर्थी चयनित

ब्यूरो रिपोर्ट। हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग (एचपीआरसीए) ने प्रारंभिक शिक्षा विभाग में टीजीटी (मेडिकल)…

13 hours ago

फरियादी सीधे भगवान को लिख रहे चिट्ठियां, भरमौर के धर्मराज मंदिर पहुंच रहे देशभर से पत्र बने चर्चा का विषय

चंबा (ओपी शर्मा ,संवाददाता ), विश्वप्रसिद्ध चौरासी मंदिर परिसर, भरमौर में स्थित भगवान धर्मराज मंदिर…

15 hours ago

नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पॉवर स्टेशन में 90वीं हिंदी कार्यशाला का आयोजन

रामपुर बुशहर (सुरजीत नेगी,संवाददाता ), नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पॉवर स्टेशन में आज 28 मार्च, 2026…

15 hours ago

कालीबाड़ी मंदिर जाने वाला व्यक्ति निकला APG यूनिवर्सिटी का छात्र, पुलिस ने दी क्लीन चिट

शिमला (विकास शर्मा ,ब्यूरो चीफ ), दिनांक 27.03.2026 को पुलिस को एक शिकायतपत्र प्राप्त हुआ…

15 hours ago