शिमला (विकास शर्मा/ब्यूरो चीफ),
हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के अंतर्गत आने वाले देहन घाटी में लोगों द्वारा इंसानियत की मिसाल पेश की है जहां आज के समाज में दूध देने वाली गाय और अन्य पशुओं को लोगों द्वारा खुले में छोड़ दिया जाता है। वहीं कुछ ऐसे भी लोग हैं जो पशु के लिए बर्फ के समय सहारा बन कर सामने आते हैं। कई जगह में बर्फबारी के कारण पशु अपनी जान गवा देते हैं। वहीं आपको बता दें कि कुछ युवाओं ने रोड़ पर रह रहे पशु को रहने की व्यवस्था और साथ में ही उनके लिए घास पानी की व्यवस्था की है। वही सरकार द्वारा आवारा पशुओं के लिए शर्ट तो बनाएंगे है लेकिन वहां पर लिमिटेड पशु रखे जाते हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए कि आवारा पशु की सुरक्षा कैसे की जाए और साथ में ही उन्होंने कहा कि लोगों को इस तरह से अपने पशुओं को काम होने के बाद खुले में नहीं छोड़ना चाहिए। यह पूरे समाज का दायित्व बनता है कि जो आवारा पशु इन सर्दियों में बाहर खुले में रहते हैं उनके लिए घास और रहने का प्रबंध इन बर्फबारी के दौरान करना चाहिए यह हर एक नागरिक का दायित्व बनता है।
शिमला ( विकास शर्मा , ब्यूरो चीफ ), हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सरकारी विद्यालयों में…
नाहन ( संध्या कश्यप , संवाददाता ), नाहन: जिला सिरमौर के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में…
शिमला ,ब्यूरो रिपोर्ट आकांक्षात्मक खंड कार्यक्रम (Aspirational Block Programme) के अंतर्गत सम्पूर्णता अभियान 2.0 का…
रामपुर ( सुरजीत नेगी , संवाददाता ),रामपुर बुशहर। एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र…
सोलन ( नरेंद्र कुमार ,संवाददाता ), जिला सोलन पुलिस की विशेष अन्वेषण इकाई (SIU) ने…
ब्यूरो रिपोर्ट शिमला। शिमला जिले के चौपाल थाना क्षेत्र में एक युवक अपने किराये के…