शिमला (विकास शर्मा, ब्यूरो चीफ),
राजस्व विभाग में कार्यरत पटवार वृत अंशकालीन कर्मचारियों को प्रदेश सरकार अनदेखा कर रही है | यह बात एक प्रैस विज्ञप्ति जारी संघ के प्रदेश महांमंत्री किशोर चुन्टा ने कही | उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग मे फरवरी 2016 मे जिला किन्नौर में प्रत्येक पटवार वृतो में अंशकालीन कर्मचारी नियुक्त किए थे | 31 मार्च 2023 को इनका सात वर्ष का कार्यकाल पूरा हो चुका है, किन्तु प्रदेश सरकार ने इन कर्मचारियों की दैनिक वेतन भोगी होने की अधिसूचना अभी तक जारी नही की | 30 सितम्बर 2023 को जिला सोलन तथा जिला उन्ना के पटवार वृत अंशकालीन कर्मचारियों के सात वर्ष पुर्ण हो चुके है, किन्तु इनकी भी प्रदेश सरकार ने अभी तक कोई अधिसूचना जारी नही की |
संघ के प्रदेश महामंत्री किशोर चुन्टा ने कहा कि भू० व्यवस्था अभिलेख निदेशालय शिमला में एक अंशकालीन कर्मचारी जिसका नाम विकार कुमार जो (स्वीपर) के पद पर तैनात था, जिसकी नियुक्ति 14-07-2016 को अंशकालीन कर्मचारी (स्वीपर ) के पद पर हुई थी तथा 13-07-2023 को इस कर्मचारी के सात वर्ष पूर्ण हो चुके है तथा 01-10-2023 सरकार ने इस कर्मचारी की दैनिक वेतन भोगी के दायरे मे लाया तथा इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी | परन्तु राजस्व विभाग मे कार्यरत पटवार वृत अंशकालीन कर्मचारी जो जिला किन्नौर मे नियुक्त हुए थे, जिनकी नियुक्ति फरवरी 2016 मे हुई थी और 31 मार्च 2023 को उनके सात वर्ष पूर्ण हो चुके है | वर्तमान सरकार ने इन कर्मचारियों को अभी तक दैनिक वेतन भोगी नही बनाया |
उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार राजस्व विभाग मे कार्यरत पटवार वृत अंशकालीन कर्मचारियों के साथ एक तरह से सौतेला व्यवहार कर रही है, जोकि एक शर्मनाक बात है | उन्होने कहा कि संघ मुख्य सचिव हिमाचल सरकार तथा प्रधान सचिव राजस्व से विनम्र निवेदन करता है कि राजस्व विभाग मे कार्यरत पटवार वृत अंशकालीन कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय को मध्यनजर रखते हुए आप जल्द से जल्द इन कर्मचारियों को न्याय प्रदान करे तथा शीघ्र ही इन कर्मचारियों की दैनिक वेतन भोगी हेतु की अधिसुचना जारी की जाए |

