किन्नौर : पंचायती राज विभाग स्थानीय स्वशासन है एक स्तंभ – जगत सिंह नेगी

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भावानगर (सुरजीत नेगी, संवाददाता)

राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने आज जिला किन्नौर स्थित रिकांग पिओ में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के विभिन्न कार्यक्रमों के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक की। राजस्व मंत्री ने कहा कि पंचायती राज विभाग स्थानीय स्वशासन एक स्तंभ है, जिसका कार्य विकास को जमीनी स्तर पर पहुंचाना और पंचायतों को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत प्रत्येक घर को कम से कम 100 दिन का अकुशल रोजगार उपलब्ध करवाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य मनरेगा को निचले स्तर पर सफलतापूर्वक लागू करना है। मनरेगा के तहत 65 प्रतिशत कार्य प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन पर किया जाना चाहिए। इसके अलावा उन्होंने अधिकारियों को समय-समय पर कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के निर्देश दिए।
बैठक में अवगत करवाया गया कि जिला किन्नौर में मनरेगा के तहत 20 हजार 77 जॉब कार्ड होल्डर व 23 हजार 06 सक्रिय कर्मचारी है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में जिला किन्नौर में अब तक 150.65 लाख रुपए व्यय किए जा चुके है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत व्यक्तिगत घरों में शौचालय, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाई, सोक पीट इत्यादि निर्माण के कार्य किए जा रहे है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 में नव गठित ग्राम पंचायत चोरा, क्राबा, बड़ा-कम्बा, यांगपा-2, युवारंगी, अक्पा, डबलिंग व चुलिंग में पंचायत भवनों का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आसरंग, जंगी और स्पिलो में भी पंचायत भवन का निर्माण किया जाना है।
बैठक की कार्यवाही परियोजना अधिकारी ग्रामीण विकास अभिकरण विजय ब्रागटा ने की। बैठक में उपायुक्त किन्नौर तोरुल एस रवीश, एसडीएम कल्पा डॉक्टर मेजर शशांक गुप्ता, खंड विकास अधिकारी निचार, पूह व कल्पा, पंचायत सचिव, विभाग के कनिष्ठ अधिकारी और अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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