चंबा : चंबा में नहीं दिख रही कैबिनेट मंत्रियों की रूचि

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चंबा (एम एम डैनियल/ब्यूरो चीफ),
हिमाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ व्यवस्था परिवर्तन राज्य के अन्य जिलों की तुलना में चंबा अधिक देखने को मिल रही है। जिसका उदाहरण जिला चंबा के डलहौजी विस क्षेत्र में एक के बाद एक दो कैबिनेट मंत्रियों ने दौरा कर कई विकास कार्यों के आयाम स्थापित करने सहित करोड़ों रुपए की योजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास किए। वहीं दूसरी ओर जिला चंबा के विधानसभा क्षेत्र को दोनों अहम कैबिनेट मंत्रियों अपने डलहौजी प्रवास कार्यक्रम में नजरांदाज करने में कोई कसर शेष नहीं छोड़ रहे। गौर हो कि गत दिनों 10 मई को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने डलहौजी विधानसभा क्षेत्र सहित इसके अधीन उपमंडल सलूणी, किहार व भलेई माता मंदिर क्षेत्र का जहां दौरा किया। वहीं डलहौजी नगर क्षेत्र में 24 घंटे पेयजल सुविधा आरंभ करने सहित करोड़ों रुपए की पेयजल योजनाएं उपमंडल सलूणी को प्रदान कर करीब 22 पंचायतों के 30 हजार आबादी को लाभांवित कर गए। मगर अपने दौरे में चंबा विधानसभा क्षेत्र को शामिल नहीं किया। वहीं अब लोक निर्माण, युवा सेवा एवं खेल मंत्री विक्रमादित्य सिंह 23 से 24 म ई दो दिवसीय प्रवास पर डलहौजी विस क्षेत्र आ रहें हैं। जिनके प्रस्तावित दो दिवसीय प्रवास में 23 मई को वह दोपहर को बनीखेत में खेल स्टेडियम का निरीक्षण एवं शिलान्यास, सांयकाल सुरंगानी का दौरा व रात्रि ठहराव सुरंगानी में करेंगे। वहीं कैबिनेट मंत्री 24 म ई को सुरंगानी से प्रसिद्ध भलेई माता के दर्शन करने सहित जनसभा को संबोधित करेंगे। जिसके पश्चात वह वापिस राजधानी शिमला लौट जाएंगे। हैरानी की बात है उक्त दोनों ही कैबिनेट मंत्रियों ने चंबा मुख्यालय को अपने प्रवास कार्यक्रम से दूर रखा। जिसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं विपक्ष में बैठे भाजपा नेता भी बेशक उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के प्रवास दौरान उनसे चमेरा चरण एक परियोजना गेस्ट हाउस में शिष्टाचार भेंट कर चुके। लेकिन दोनों कैबिनेट मंत्रियों के चंबा से मुंह फेरने पर तंज कसने में वह भी कोई कसर शेष नहीं छोड़ रहे। इन दौरे से डलहौजी की पूर्व विधायक एवं कांग्रेस पार्टी वरिष्ठ नेता आशा कुमारी का कद बढ़ा है। वहीं पूर्व विधायक आशा कुमारी को सरकार में किसी बड़े पद या जिम्मेवारी देने की बात भी उनके समर्थकों ने अंदर खाते उठाने में गुरेज नहीं रखा। वहीं दूसरी ओर चंबा विधानसभा क्षेत्र में 15 वर्षों के बाद कांग्रेस द्वारा वित्त विस चुनाव में जहां बाजी मार सत्ता में वापसी की है। इसके बावजूद भी अभी तक चंबा विधानसभा क्षेत्र विधायक नीरज नैयर को सरकार में कोई अहम पद या स्थान प्रदान नहीं गया। वहीं दूसरी ओर उपमुख्यमंत्री और लोक निर्माण विभाग मंत्री के प्रवास कार्यक्रम में चंबा मुख्यालय शामिल न करने से पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकताओं में मायूसी पैदा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। जिसके आने समय राज्य सरकार एवं कांग्रेस पार्टी को इस नाकारात्मक परिणाम से गुजरना पड़ सकता है। वहीं विधानसभा चुनाव में मिली कांग्रेस पार्टी को जीत के पश्चात स्वास्थ्य मंत्री कर्नल डॉ धनीराम शांडिल को छोड़ अभी तक अन्य कोई भी बड़ा नेता ने चंबा मुख्यालय का रूख किया है।

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