किन्नौर (देवकला नेगी/संवाददाता),
जिला किन्नौर आउटसोर्स कर्मचारी ने प्रदेश सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा है कि सरकार ने अपने बजट में आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की। जिसपर जिला किन्नौर आउटसोर्स कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष कमल किशोर नेगी ने समस्त आउटसोर्स कर्मचारियों की तरफ से प्रदेश की कांग्रेस सरकार का धन्यवाद किया है | उन्होंने बताया कि अब सरकार ने न्यूनतम वेतन 11250 किया है जिस पर कम वेतन वाले कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। कमल किशोर नेगी ने कहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आउटसोर्स की नीति लागू करने के लिए डेढ़ वर्ष का समय मांगा है लेकिन उन्होंने समस्त आउटसोर्स कर्मचारियों की ओर से मुख्यमंत्री से मांग रखी है कि इस कार्य को जल्द से जल्द शुरू किए जाते ताकि दिए गए समय के अंतराल पश्चात नीति को लागू किया जा सके। उन्होंने सरकार से मांग रखी है कि सरकार जब तक आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति ना बनाए तब तक कर्मचारियों को उनके जॉब के सुरक्षा की गारंटी प्रदान की जाए । साथ ही उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए किसी भी प्रकार की अतिरिक्त अवकाश नहीं है यदि इन कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना होती है तो अवकाश ना होने के कारण कर्मचारियों की वेतन में कटौती की जाती है जिस कारण कर्मचारियों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ता है जिसके चलते कर्मचारियों को मानसिक दबाव का सामना भी करना पड़ता है उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि आप सोच कर्मचारियों को कम से कम 20 दिन तक का अतिरिक्त अवकाश लागू कराने की कृपा करें । उन्होंने कहा है कि जल शक्ति विभाग में जिन पार्ट टाइम कर्मचारियों को सेवा विस्तार कठित दिसंबर 2022 को समाप्त हो गया था उन्हें सेवा विस्तार दिया जाए इन कर्मचारियों ने कोरोना महामारी एवं बर्फबारी व बारिश के मौसम में भी अपनी जान को जोखिम में डालते हुए और देश हित में अपनी सेवाएं दी है ताकि आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना ना करना पड़े इसी तरह प्रदेश में कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग में लगाए गए कर्मचारियों का सेवा विस्तार भी है जो 31 मार्च 2023को समाप्त होने वाला है इन कर्मचारियों का सेवा विस्तार भी बढ़ाया जाए और अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों की श्रेणी में लाया जिला किन्नौर में पिछले 6 महीने से इन कर्मचारियों को वेतन नेगी दिया गया और और जल शक्ति विभाग में पार्ट टाइम कर्मचारियों एवं रोजगार कार्यालय में सफाई कर्मचारियों को लगभग 1 साल से वेतन नहीं दिया गया है जिसे जल्दी जारी किया जाए । उन्होंने सरकार से मांग रखी है कि प्रदेश में जितने भी कर्मचारी परियोजनाओं अन्य स्कीमों में कार्यरत है परियोजना एवं स्कीम समाप्त होने के पश्चात उन्हें परियोजनाएं एवं स्कीमों में संयोजन किया जाए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार का मानसिक शोषण का शिकार ना होना पड़े।

