ददाहू (हेमंत चौहान/संवाददाता),
हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव व रेणुका युवा कांग्रेस प्रभारी यशवंत ठाकुर ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट सिर्फ कोरी कल्पनाओं से भरा है। जैसे सरकार ने नौ वर्षों के बजट में देश के आम जनमानस के साथ विश्वासघात किया ठीक वैसे ही इस बजट में भी किया है। छात्रों-युवाओं व अन्य सभी वर्गों के लिए बजट में कुछ भी राहत भरा नहीं है। देश में बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर तैयार करने के बजाय रोजगार छीने जाने की नीति तय की गई जैसा कि शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत व सुदृढ़ बनाए जाने की बजाय इन दोनों के बजट में कटौती करना सीधे-सीधे स्वास्थ्य व शिक्षा को पंगु बनाने जैसा है। देश बेरोजगारी में पिछले 45 सालों के सबसे निचले स्तर पर है केंद्र सरकार ने बेरोजगारी को लेकर कोई ठोस नीति नहीं बनाई। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों से बजट में कटौती करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है जिस देश की सरकार शिक्षा पर खर्च करने से घबराती हो वो देश कैसे उन्नति करेगा। उन्होंने कहा कि इस बजट में घोषणाओं, वादों और आश्वासनों की भरमार है। इस बजट में किसानों, बागवानों, मजूदरों नौजवानों, महिलाओं व गरीब मध्यम वर्ग के लोगों की पूरी तरह से अनदेखी की गई है और यह बजट बेरोजगारी और महंगाई को बढ़ाने वाला है। मनरेगा जैसी योजनाओं में कटौती करके गरीब मजदूरों की कमर तोड़ने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों के बजट में किसान की आमदनी 2022 तक दोगुनी करने का वादा किया जाता था लेकिन इस बजट में यह नहीं बताया गया कि आमदनी दोगुनी होने के लिए किसानों को और कितने वर्षों तक इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि बजट में न किसानों की आय दोगुनी हुई, न युवाओं को रोजगार मिला, न महंगाई कम हुई, न हर परिवार को छत मिली, आय किसकी दोगुनी हुई कागजों में कोई पता नहीं। इस कहते हैं मदारी का खेल, पिटारे में कुछ नहीं और जनता को खेल दिखा दिया। उन्होंने कहा कि इस बजट में हिमाचल प्रदेश के लिए कुछ खास नहीं है जबकि भाजपा को चार में से तीन सांसद, एक केंद्रीय केबिनेट मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष देने वाले हिमाचल को भाजपाइयों ने बजट में ठगा है। इसकी हम घोर निन्दा करते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का बजट सुनकर जनता रो रही है, यह बजट भाजपा के अंत का कारण बनेगा और आने वाले चुनावों में केंद्र सरकार का सफाया होगा।

