ब्यूरो रिपोर्ट
शिमला। सरकारी CBSE स्कूलों में तैनाती का इंतजार कर रहे इन-सर्विस शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। विभाग ने पहले चरण की काउंसलिंग 24 सितंबर से शुरू करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में फिजिक्स, बॉयोलॉजी, कैमिस्ट्री विषयों के शिक्षकों के साथ प्रिंसीपल पद को शामिल किया गया है। अन्य विषयों के शिक्षकों के लिए बाद में अलग शेड्यूल जारी किया जाएगा।
शिक्षकों की तैनाती मेरिट और उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर की जाएगी। विभाग इन-सर्विस शिक्षकों से तीन स्कूलों के विकल्प लेगा। इसके बाद उनकी शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, सेवा रिकॉर्ड और मेरिट को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार स्कूल आवंटित किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि चयन प्रक्रिया में शामिल करीब 5,623 इन-सर्विस शिक्षक लंबे समय से स्कूलों में तैनाती का इंतजार कर रहे हैं। विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया बीते मार्च में शुरू की थी, लेकिन अभी तक पूरी नहीं हो सकी है। इस दौरान 100 से अधिक प्रधानाचार्यों को स्कूलों में तैनाती दी जा चुकी है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती वास्तविक आवश्यकता और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर होगी। केवल मेरिट के आधार पर किसी स्कूल में अतिरिक्त पद सृजित या आवंटित नहीं किया जाएगा।
वहीं, शिक्षकों के सामने पसंदीदा स्कूल मिलने को लेकर चुनौती बनी हुई है। यदि उनके द्वारा चुने गए तीनों स्कूलों में पद खाली नहीं हुए तो आगे किस आधार पर तैनाती होगी, यह महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा। इन शिक्षकों ने हिमाचल प्रदेश बोर्ड की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद स्क्रीनिंग प्रक्रिया में मेरिट हासिल की है।
इसी बीच CBSE स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े मामले में 18 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई भी होनी है। शिक्षा विभाग की ओर से कोर्ट में अपना पक्ष रखा जाना है। शिक्षकों का कहना है कि यदि रिक्तियों और स्कूल विकल्पों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ तो वे दोबारा न्यायालय का रुख कर सकते हैं।