दो बेटियों की माताओं को आंगनवाड़ी भर्ती में मिलेंगे 2 अतिरिक्त अंक, हिमाचल हाईकोर्ट का अहम फैसला

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ब्यूरो रिपोर्ट।

शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने आंगनबाड़ी भर्ती में दो बेटियों वाली महिलाओं के अधिकार को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिस महिला की दो बेटियां हैं और कोई बेटा नहीं है, उसे भर्ती में निर्धारित 2 प्राथमिकता अंक देने से वंचित नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने विभाग की उस अतिरिक्त शर्त को भी खारिज कर दिया, जिसमें दो बेटियों के जन्म के बाद परिवार नियोजन या नसबंदी को इन अंकों का लाभ लेने के लिए अनिवार्य बताया गया था।
यह फैसला मंडी जिले के गोपालपुर ब्लॉक के मोहिन-I आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका पद के मामले में सुनाया गया। याचिकाकर्ता प्रोमिला देवी को वर्ष 2021 की भर्ती प्रक्रिया में 15.50 अंक मिले थे, जबकि चयनित उम्मीदवार के 16 अंक थे। प्रोमिला देवी के पास तहसीलदार की ओर से जारी प्रमाणपत्र भी था, जिसमें उनकी दो बेटियां और कोई बेटा न होने की पुष्टि की गई थी। इसके बावजूद उन्हें दो बेटियों के लिए निर्धारित अतिरिक्त अंक नहीं दिए गए।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल ने कहा कि वर्ष 2016 की मूल अधिसूचना में दो बेटियों वाली महिलाओं को 2 अंक देने का स्पष्ट प्रावधान था। विभागीय अधिकारी अपने स्पष्टीकरण के माध्यम से मूल अधिसूचना में ऐसी नई शर्त नहीं जोड़ सकते, जो उसमें पहले से मौजूद नहीं थी।
कोर्ट ने प्रोमिला देवी के अंक 15.50 से बढ़ाकर 17.50 करने के निर्देश दिए। इन अंकों के जुड़ने के बाद वह मेरिट सूची में प्रथम स्थान पर आ जाएंगी।
हाईकोर्ट ने सरकार को प्रोमिला देवी को पिछली तिथि से सभी सेवा लाभों के साथ नियुक्ति देने के भी निर्देश दिए हैं। साथ ही उनके बकाया वेतन का भुगतान छह महीने के भीतर करने का आदेश दिया है।
कोर्ट के इस फैसले को दो बेटियों वाली महिलाओं के अधिकारों और आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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