ब्यूरो रिपोर्ट।
शिमला। जिला परिषद शिमला के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव से पहले सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। कुछ दिन पहले भाजपा ने जिन नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों को मीडिया के सामने पेश कर अपना समर्थन दिखाया था, उनमें से दो सदस्यों के कांग्रेस खेमे में जाने की चर्चा ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।सूत्रों के अनुसार, रविवार को जिला परिषद के दो नवनिर्वाचित सदस्यों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। हालांकि, इस मुलाकात को लेकर दोनों सदस्यों की ओर से अभी तक कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में इस मुलाकात को जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।जिला परिषद शिमला में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला दिलचस्प हो गया है। दोनों दलों के लिए एक-एक जिला परिषद सदस्य का समर्थन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में भाजपा खेमे में शामिल बताए जा रहे दो सदस्यों के कांग्रेस के साथ जाने की चर्चा ने चुनावी समीकरणों को और पेचीदा कर दिया है।वहीं, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा नेताओं ने फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार किया है। दूसरी ओर, दोनों जिला परिषद सदस्यों की मुख्यमंत्री से हुई मुलाकात को लेकर भी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।अब सबकी नजरें जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव पर टिकी हैं। चुनाव के दौरान किस खेमे को कितने सदस्यों का समर्थन मिलता है, यह तस्वीर मतदान के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।