शिमला (विकास शर्मा,ब्यूरो चीफ ),
3 मार्च को आयोजित इस अभियान के दौरान गांव के विभिन्न स्थानों से प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया।
स्वयंसेवकों और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर फैले प्लास्टिक कचरे को साफ किया।
एकत्रित किए गए कचरे को सुरक्षित रूप से डस्टबिन और कचरा संग्रह केंद्र में डाला गया, ताकि उसका उचित निस्तारण हो सके।
“हमारा उद्देश्य लोगों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है और सभी से अपील करना है कि वे प्लास्टिक का उपयोग कम करें।”
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को प्रेरित करना और गांव को स्वच्छ व प्लास्टिक मुक्त बनाना है।
स्थानीय लोगों की भागीदारी ने इस अभियान को सफल बनाया।

