शिमला ( विकास शर्मा , ब्यूरो चीफ ) ,
जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने और समाज को नशे के दुष्प्रभाव से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को प्रिवेंटिव डिटेंशन (निवारक नजरबंदी) में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई Prevention of Illicit Traffic in Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (PIT NDPS) के तहत की गई है।
पुलिस के अनुसार, अजीत राम पुत्र मिश्री लाल, निवासी डाउनडेल, फागली रोड, महाशिव कॉलोनी, डाकघर ए.जी. शिमला, पुलिस थाना सदर, तहसील व जिला शिमला (हि.प्र.) को हिरासत में लेकर तीन माह के लिए जेल भेज दिया गया है। आरोपी बार-बार चिट्टा तस्करी में संलिप्त पाया जा रहा था।
आठ मामलों में हो चुकी थी गिरफ्तारी
अजीत राम को पूर्व में Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act के तहत आठ अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया जा चुका है। वर्ष 2016 से 2024 के बीच दर्ज मामलों में उसके कब्जे से स्मैक, चरस और हेरोइन/चिट्टा की विभिन्न मात्राएं बरामद की गई थीं। इनमें 36.15 ग्राम तक हेरोइन बरामद होने का मामला भी शामिल है।
लगातार गिरफ्तारी के बावजूद आरोपी की गतिविधियों में सुधार न होने के चलते पुलिस ने PIT NDPS अधिनियम के तहत निवारक कार्रवाई की सिफारिश की, जिसके बाद उसे तीन महीने की नजरबंदी में भेजा गया।
नेटवर्क तोड़ने की दिशा में कदम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस निवारक नजरबंदी का उद्देश्य नशा तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करना तथा संबंधित व्यक्ति को भविष्य में अवैध मादक पदार्थों की गतिविधियों में शामिल होने से रोकना है।
जिला पुलिस शिमला ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” नीति अपनाई गई है और युवाओं की सुरक्षा व सार्वजनिक शांति बनाए रखने के लिए आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभाव से बचाना, तस्करी के नेटवर्क को तोड़ना और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना


