सोलन (नरेंद्र कुमार ,संवाददाता ),
परवाणू में टेंडर व कोटेशन अनियमितता से जुड़े मामले में गिरफ्तार 73 वर्षीय सतीश बेरी को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, कसौली की अदालत ने जमानत प्रदान कर दी है। मामला सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB), दक्षिणी रेंज शिमला की जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज किया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2020 में हिमुडा फ्लैट्स से संबंधित कार्यों के लिए आमंत्रित कोटेशन प्रक्रिया में कथित अनियमितताएँ हुईं और फर्जी कोटेशन के आधार पर कार्य प्राप्त कर टेस्ट रिपोर्ट व बिल प्रस्तुत किए गए। जांच के दौरान नगर परिषद परवाणू से संबंधित रिकॉर्ड पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच शुरू की थी। इसी आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि मामला वर्ष 2020 का है जबकि शिकायत काफी समय बाद दर्ज हुई, जांच पूरी तरह दस्तावेज़ों पर आधारित है और आरोपी वरिष्ठ नागरिक है। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि कुछ धाराएँ तथ्यों के अनुरूप नहीं लगाई गईं और केवल गिरफ्तारी के उद्देश्य से कड़ी धाराएँ जोड़ी गईं।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार जांच मुख्यतः दस्तावेज़ी प्रकृति की है, अधिकांश रिकॉर्ड जांच एजेंसी के कब्जे में है तथा हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपी स्थानीय निवासी और वरिष्ठ नागरिक है तथा फरार होने या जांच को प्रभावित करने की आशंका कम है। अदालत ने प्रथम दृष्टया कुछ गंभीर आरोपों के आवश्यक तत्व स्पष्ट रूप से स्थापित न दिखने की टिप्पणी भी की, जिसे ट्रायल के दौरान परखा जाएगा।
इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने जमानत अर्जी स्वीकार करते हुए आरोपी को निजी मुचलके और दो जमानतदारों पर रिहा करने के आदेश दिए। साथ ही शर्तें लगाई गईं कि आरोपी जांच में सहयोग करेगा, किसी गवाह को प्रभावित नहीं करेगा, साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेगा, बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जाएगा और प्रत्येक सुनवाई पर अदालत में उपस्थित रहेगा।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल जमानत तक सीमित है और मामले के गुण-दोष पर अंतिम निर्णय ट्रायल के दौरान साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। जांच एजेंसी द्वारा मामले की आगे की जांच जारी है।


