ब्यूरो रिपोर्ट कुल्लू।
कुल्लू जिले के भुंतर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भुंतर में एक महिला को सरकारी जमीन पर कब्जा कर भवन बनाने के मामले में 1.73 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिला को भविष्य में यह जमीन खाली करनी होगी और किए गए अवैध निर्माण को भी हटाना पड़ेगा। यदि निर्माण नहीं हटाया गया तो प्रशासन खुद कार्रवाई करेगा और इसकी लागत भी कब्जाधारी से वसूल की जाएगी।यह मामला हाईकोर्ट के आदेश पर सुनवाई के लिए तहसीलदार भुंतर के पास भेजा गया था। तहसीलदार नितेश ठाकुर ने पुष्टि करते हुए बताया कि भुंतर में अवैध कब्जे के लगभग 30 मामले चिन्हित किए गए हैं, जिन पर तहसीलदार न्यायालय में सुनवाई जारी है। उन्होंने बताया कि कई कब्जाधारियों ने स्वयं ही कब्जा हटाकर सरकारी जमीन खाली कर दी है, जबकि कुछ मामलों में अपीलें दायर की गई हैं, जिन पर अंतिम निर्णय का इंतजार है।अन्य मामलों में भी 20 लाख से अधिक का जुर्मानाअवैध कब्जे को लेकर भुंतर में प्रशासनिक सख्ती बढ़ा दी गई है। अन्य मामलों में भी अवैध कब्जाधारियों पर 20 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना किया गया है। भुंतर के खोखण नालों पर भी अवैध कब्जे पाए गए हैं, जहां प्रशासन की कार्रवाई से कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।सड़कों पर भी व्यापक अवैध कब्जेस्थानीय लोगों ने बताया कि भुंतर-मणिकर्ण रोड समेत कई मार्गों पर वर्षों पहले अधिग्रहित की गई भूमि पर भी लोगों ने दोबारा कब्जे जमा लिए हैं। कुछ स्थानों पर 30 से 40 साल पहले अधिग्रहण के दौरान मुआवजा लिया जा चुका है, लेकिन बाद में उन्हीं जमीनों पर अवैध निर्माण कर दिया गया। स्थानीय निवासियों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि सड़कों पर अवैध कब्जे हटाने के लिए तेज़ी से अभियान चलाया जाए।हाईकोर्ट की सख्ती से बढ़ा जुर्मानापहले अवैध कब्जों पर जुर्माना बेहद कम होता था, जिसके चलते लोग 1–2 हजार रुपये देकर आसानी से बच निकलते थे। लेकिन हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद अब अवैध कब्जाधारियों पर भारी-भरकम जुर्माने लगाए जा रहे हैं। इससे पूरे क्षेत्र में अवैध कब्जाधारियों में खौफ और बेचैनी का माहौल है।
