करसोग का कुन्हू गांव बना तंबाकू मुक्त गांव, तंबाकू मुक्त युवा

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ब्यूरो रिपोर्ट मंडी

नशे के खिलाफ प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के तहत मंडी जिले के करसोग विकास खंड ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। विकास खंड की ग्राम पंचायत बगैला का कुन्हू गांव आधिकारिक रूप से तंबाकू मुक्त गांव घोषित कर दिया गया है। यह प्रमाणन हासिल करने वाला कुन्हू, करसोग खंड का पहला गांव बन गया है।

कड़े मानकों पर खरा उतरा कुन्हू गांव

खंड चिकित्सा अधिकारी करसोग डॉ. गोपाल चौहान ने बताया कि तंबाकू नियंत्रण नियमावली के तहत सरकार द्वारा निर्धारित सख्त मानकों के आधार पर गांव का विस्तृत आकलन किया गया। इस मूल्यांकन प्रक्रिया में कुन्हू गांव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 160 में से 149 अंक हासिल किए।

इस आकलन की पुष्टि के लिए एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें पंचायत प्रधान खुशी राम, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता कला देवी, और करसोग अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी शामिल थे। टीम ने गांव का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया और सभी मानकों की पुष्टि के बाद रिपोर्ट तैयार की।

तंबाकू मुक्त गांव का प्रमाण पत्र जारी

रिपोर्ट सही पाए जाने के बाद खंड चिकित्सा अधिकारी करसोग और खंड विकास अधिकारी करसोग ने संयुक्त रूप से प्रमाण पत्र जारी कर कुन्हू गांव को करसोग का प्रथम तंबाकू मुक्त गांव घोषित किया। यह उपलब्धि ग्रामीणों, पंचायत और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त मेहनत का परिणाम मानी जा रही है।

“नशे के खिलाफ समाज की सामूहिक जिम्मेदारी” — डॉ. चौहान

डॉ. गोपाल चौहान ने ग्राम पंचायत बगैला के प्रधान और कुन्हू गांव के सभी नागरिकों को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक बुराई है और इसे जड़ से समाप्त करने के लिए समाज के हर वर्ग को एकजुट होकर भागीदारी निभानी होगी।

उन्होंने ग्रामीणों को सलाह दी कि इस उपलब्धि और प्रमाणन को बरकरार रखने के लिए भविष्य में और अधिक सतर्क और जागरूक रहना होगा। डॉ. चौहान ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में कुन्हू गांव न केवल नशा मुक्ति, बल्कि अन्य सामाजिक और विकासात्मक क्षेत्रों में भी आदर्श गांव के रूप में उभर कर सामने आएगा।

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