जल शक्ति विभाग में 4852 पदों पर होगी भर्ती, आऊटसोर्स व्यवस्था खत्म करने का बड़ा फैसला

0
254

शिमला (ब्यूरो रिपोर्ट),

हिमाचल प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर खोलते हुए जल शक्ति विभाग में 4852 पदों पर भर्ती का निर्णय लिया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया, जिसे अब कैबिनेट से मंजूरी मिलनी बाकी है। विभाग में पंप ऑपरेटर, पैरा पंप ऑपरेटर, पैरा फिटर, वर्क इंस्पेक्टर, जूनियर इंजीनियर और हाइड्रोलॉजिस्ट जैसे पद भरे जाएंगे। इसके अलावा करुणामूलक आधार पर 505 आश्रितों को नौकरी देने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।सरकार ने विभाग में आउटसोर्स पर चल रही व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करने का बड़ा फैसला लिया है। वर्तमान में 4136 कर्मचारी आउटसोर्स पर काम कर रहे हैं, जिन्हें अब विभागीय स्तर पर नियुक्त किया जाएगा। इससे सरकार को हर साल करीब 73 करोड़ रुपए की सीधी बचत होगी। इसी तरह जल रक्षकों को पंप अटेंडेंट बनने के लिए अब 12 साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि यह अवधि घटाकर 8 साल कर दी गई है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि पंप ऑपरेटर और पैरा फिटर जैसे कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन मिले और मल्टी टास्क वर्कर्स के लिए स्थायी नीति बनाई जाए।हाल की प्राकृतिक आपदा में जल शक्ति विभाग को 1476 करोड़ रुपए का भारी नुकसान हुआ है और प्रदेश में करीब 7000 पानी की योजनाएं क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इन योजनाओं को बहाल करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से वित्तीय सहायता मांगी जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत केंद्र से 1227 करोड़ रुपए की राशि अभी भी लंबित है, जिसके कारण ठेकेदारों का भुगतान अटका हुआ है। उन्होंने एचआरटीसी पेंशनरों को भी आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री के लौटते ही उनकी पेंशन की फाइल मंजूर कर दी जाएगी। साथ ही उन्होंने भाजपा पर आपदा का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा हिमाचल के लिए घोषित 1500 करोड़ रुपए की सहायता राशि राज्य को अब तक नहीं मिली है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here