शिमला (विकास शर्मा, ब्यूरो चीफ),
आज शिमला में सेतु के नए अंक का लोकार्पण संस्कृति विभाग की विदुषी निदेशक रीमा कश्यप, IAS के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ । इस अवसर पर विभाग के संयुक्त निदेशक भानु गुप्ता, HAS और उप निदेशक कुसुम संघाईक भी उपस्थित रहे। यह सेतु का 27 वां अंक है और आलोचना विषय पर केंद्रित विशेषांक है । सम्पादक सेतु डाॅ देवेन्द्र गुप्ता ने बताया कि आज साहित्य की विवेचना में आलोचना खंडन मंडन से आगे निकल कर विकसित विषय के रूप में स्थापित हो गई है । विशेषांक में विभिन्न विधाओं के माध्यम से आलोचना विषय और दृष्टिकोण को समझने का प्रयास किया गया है । निदेशक रीमा कश्यप ने कहा कि साहित्य का मूल्यांकन करने में आलोचना प्रमुख भूमिका रखती है और निश्चय ही आलोचना में वाद विवाद और संवाद की एक सतत प्रक्रिया सक्रिय रहती है। उन्होंने आशा जतायी कि साहित्य में हिन्दी आलोचना पर इस अंक में सुधी लेखकों के लेखों में आलोचना के नूतन निष्कर्षों की और संकेत अवश्य मिलेंगे और नवीन स्थापनाओं से साहित्य समृद्ध होगा।सेतु के आलोचना विशेषांक में विनोद शाही, डाॅ गोपाल प्रधान ,देवेन्द्र चौबे ,डाॅ भरत प्रसाद, कंवल भारती,रजनी दीसोदिया,नीलकमल, निरंजन देव ,प्रेम जनमेजय , सुशील कुमार सिंह, आनंद पांडेय ओमप्रकाश सिंह ,कृष्ण दत्त शर्मा , आशुतोष कुमार आदि विद्वान आलोचकों नें कहानी, उपन्यास,नाटक रंग मंच आदि विधाओं पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण से मूल्यांकन प्रस्तुत किया है और आलोचक रामचंद्र शुक्ल, डाॅ राम विलास शर्मा , हजारी प्रसाद द्विवेदी, नामवर सिंह आदि प्रसिद्ध आलोचकों की आलोचना शैली पर विचारोत्तेजक लेख दिए गये हैं ! 204 पृष्ठों की यह पत्रिका आकर्षक आवरण चित्र के साथ पाठकों के लिए प्रस्तुत है ! सम्पर्क करें
Mob: 94184 73675

