अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेला 31 अक्तूबर से 5 नवम्बर तक, इस बार होगा और भी भव्य आयोजन

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श्री रेणुका जी(हेमंत चौहान,संवाददाता),

हिमाचल प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष एवं श्री रेणुका जी विकास बोर्ड के अध्यक्ष विनय कुमार ने आज कुब्जा पवेलियन, रेणुका में अंतर्राष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेले के सफल आयोजन को लेकर बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष मेला 31 अक्तूबर से 5 नवम्बर 2025 तक पारंपरिक हर्षोल्लास एवं भव्यता के साथ आयोजित होगा।मेले के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आमंत्रित किया जाएगा, जबकि समापन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल मुख्य अतिथि होंगे। विनय कुमार ने कहा कि मेले को समय के अनुरूप और बेहतर बनाने के प्रयास होंगे ताकि इसे वैश्विक स्तर पर पहचान मिल सके।बैठक में बिजली, जल आपूर्ति, अग्निशमन, परिवहन, यातायात, पार्किंग, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई। शोभा यात्रा गिरी नदी से आरंभ होकर ददाहू स्कूल मैदान, बस स्टैंड, गिरिपुल, मेला मैदान होते हुए श्री परशुराम जी देवठी तक जाएगी, जो दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेगी।इस बार मेला परिसर को प्लास्टिक मुक्त एवं हरित मेला घोषित किया जाएगा। मांस, मछली, शराब और नारियल का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखते हुए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अंतिम दुकान बंद होने तक सफाई कर्मी ड्यूटी पर रहें।बैठक में दुकानदारों के लिए 280 प्लॉट आवंटन और झूला टेंडर पर भी चर्चा हुई। हालांकि, दुकानों के प्लॉट आवंटन को ठेके पर देने के प्रस्ताव को अधिकांश सदस्यों व स्थानीय लोगों ने अस्वीकार किया, क्योंकि इससे मनमानी दरें वसूले जाने और वस्तुओं के महंगे बिकने की आशंका जताई गई।पिछले वर्ष हुई चोरी और उपद्रव की घटनाओं को देखते हुए इस बार 100 से अधिक CCTV कैमरे लगाने की मांग रखी गई, जिस पर सहमति बनी। पुलिस विभाग को विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए गए। देवशिला के पास झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को हटाने का भी निर्णय लिया गया।सांस्कृतिक कार्यक्रम इस बार 6 दिनों तक चलेंगे, जिसमें उच्च स्तरीय कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी भाग लेंगे। अन्य देवी-देवताओं को भी आमंत्रित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु अधिक संख्या में दर्शन कर सकेंगे।विशेष रूप से, इस बार मेले के दौरान झील में वोटिंग (बोटिंग) की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जो पहले प्रतिबंधित रहती थी। सुरक्षा के लिए अतिरिक्त गोताखोर नियुक्त किए जाएंगे।मेले के मुख्य आकर्षण में सांस्कृतिक संध्या, विशाल दंगल, पारंपरिक वाद्य यंत्र प्रतियोगिताएं और स्थानीय दलों की प्रस्तुतियां शामिल रहेंगी।बैठक में उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा, विकास बोर्ड के सरकारी व गैर सरकारी सदस्य, उपमंडलाधिकारी नाहन एवं सदस्य सचिव राजीव सांख्यान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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