आपदा के बाद शेष दुनियां से अलग हुआ ऐतिहासिक गांव मलाना
कुल्लू,(आशा डोगरा) ज़िला कुल्लू के ऐतिहासिक गांव मलाणा आपदा के बाद गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई है, मलाना गाँव शेष दुनियां से कट गया है यहाँ पर सड़क,दूरसंचार और बिजली कनेक्टिविटी पूरी तरह से बाधित हो गई है। इस कठिन घड़ी में, जिलापरिषद कुल्लू के अध्यक्ष पंकज परमार आज चंद्रखनी दर्रे के माध्यम से मलाणा गांव के लिए दवाइयाँ और डीजल लेकर रवाना हो गए है ।पंकज परमार ने कहा किउनकी टीम और प्रशासन पूरी तत्परता से इस आपातकालीन स्थिति में सहायता प्रदान करने के लिए जुटे हुए हैं।गांववालों को इस समय मदद की अत्यंत आवश्यकता है और पंकज परमार की यह पहल उनके लिए एक आशा की किरण साबित होगी पंकज परमार और उनकी टीम पूरी लगन और संवेदनशीलता के साथ इस संकट की घड़ी में स्थानीय लोगों को बुनियादी आवश्यकताओं की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। गोरतलब है कि चंद्रखनी दर्रे के माध्यम से मलाणा गांव तक पहुँचने के लगभग 28 किलोमीटर का ट्रेक पैदल तय करना पड़ता है जिसको पार करने में 8 से 10 घंटे का समय लगेगा । जिला परिषद अध्यक्ष पंकज परमार हमेशा से सच्ची लग्न और सेवाभाव से जनता की सेवा के लिये तत्पर रहते है यही कारण है अब मलाना गाँव के लोगो को राहत सामग्री लेकर आज कुल्लू से रवाना हुए है।ज़िला परिषद अध्यक्ष ने उम्मीद जताई है कि इस प्रयास से मलाणा गांव में जल्द ही सुधार होगा और लोगों को राहत मिलेगी। हालाँकि सरकार और प्रशासन ने भी मलाना के लोगों को राहत पहुँचाने में जुटा है सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर भी कहा है कि आने वाले समय में ज़रूरत पड़े तो हवाई सेवा के माध्यम से भी मलाना गांव के लोगों को राशन और राहत सामग्री पहुँचाई जाएगी।
