राजगढ(निशेष शर्मा/ संवाददाता),
राजगढ़ मानसून के दौरान बारिश के कारण होने वाली आपदा से निपटने के लिए एसडीएम राजगढ़ ने सभी विभागाध्यक्षों के साथ एक बैठक आयोजित करके तैयारी को लेकर कार्य योजना तैयार की। मानसून से निपटने के लिए की जाने वाली तैयारियों को लेकर एसडीएम कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए एसडीएम राजकुमार ठाकुर ने कहा कि आपदा से निपटने में सभी विभाग मिलजुल कर त्वरित कार्य करें। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अधिकारियों व कर्मचारियों के फोन बंद नहीं रहने चाहिए। यदि फोन उस समय न उठा सके तो वापिस फोन करें ताकि आपदा में लोगों को त्वरित सहायता मिल सके। उन्होंने लोक निर्माण विभाग को मानसून के दौरान सड़कों को बहाल करने के लिए मशीनरी व अन्य आवश्यक उपकरणों को तैनात करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने विद्युत विभाग को बारिश के दौरान विद्युत आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए बिजली के खंभों व तारों की जांच तथा अतिरिक्त पोलों की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने जल शक्ति विभाग को मानसून के दौरान स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुचारू बनाए रखने के लिए को कहा ताकि लोगों को पानी की समस्या का सामना न करना पडे़। उन्होंने खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक को पर्याप्त मात्रा में खाद्यानों का भण्डारण सुनिश्चित करने के अलावा वर्षा के कारण प्रभावित हुए क्षेत्रों में खाद्यानों की तुरन्त आपूर्ति के लिए राहत सामग्री को अलग से भण्डारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस विभाग को आपदा उपकरणों की उपलब्धता समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि आपदा से निपटा जा सके। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि बारिश के दौरान नदी नालों के किनारों के समीप न जाए।खण्ड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ उपासना शर्मा ने जानकारी दी कि बरसात के दिनों में सर्पदंश की घटनाएं अधिक होती है । उन्होंने सलाह दी कि सर्पदंश की घटना होने पर रोगी को तुरंत चिकित्सा उपचार के लिए ले जाएं। उन्होंने जानकारी दी कि प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों में ‘एंटी स्नैक वेनम’ उपलब्ध है। कृषि विभाग के एसएमएस दुनीचंद ने किसानों को सलाह दी कि वह अभी लगी फसलों व खाली खेतों में मलचिंग करें ताकि भूमि कटाव न हो। इस बैठक में तहसीलदार उमेश शर्मा, नायब तहसीलदार दयानन्द शर्मा, खण्ड विकास अधिकारी तेपेंद्र नेगी सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

