कुल्लू (पूजा ठाकुर),
आखिर पर्यटन विभाग ने पीज पैराग्लाइडिंग साइट संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई है। पर्यटन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए साइट संचालकों का लाइसेंस एक सप्ताह के लिए सस्पेंड कर दिया है और साथ में ₹10000 का जुर्माना भी लगाया है। लिहाजा इस साइट से पैराग्लाइडर एक सप्ताह तक पैराग्लाइडिंग नहीं कर सकेंगे। विभाग ने दावा किया है कि अब इस साइट पर कायदे कानून पूरा करने के बाद पैराग्लाइडिंग करने की अनुमति दी जाएगी, जो यहां के संचालकों को एक सप्ताह में पूरी करनी होगी। गौरतलब है कि इस पैराग्लाइडिंग साइट में पैराग्लाइडिंग संचालकों द्वारा बार-बार नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था। रात करीब 7:45 बजे तक इस साइट में पैराग्लाइडिंग कर पर्यटकों की जान को जोखिम में डाला जा रहा था। ऐसे में पर्यटन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए इस साइट को एक सप्ताह के लिए सस्पेंड कर दिया है।
कई बार किया उल्लंघन पीज से ढालपुर मैदान के लिए चिन्हित की गई इस पैराग्लाइडिंग साइट में एक नहीं बल्कि कई बार पैराग्लाइडर इस तरह का उल्लंघन कर चुके हैं। जबकि विभाग ने एक बार ही साइट संचालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ₹10000 का जुर्माना लगाया था लेकिन उसके बावजूद भी इस साइट से पैराग्लाइडिंग करवाने वाले पायलट मनमानी करते रहे। जिसके चलते तीन दिन पूर्व इस साइट से रात के 7:45 बजे तक पैराग्लाइडर ढालपुर मैदान में पर्यटकों के साथ लैंडिंग करते रहे।
गौरतलब है कि जिला कुल्लू की आठ पैराग्लाइडिंग साइटों में से दो साइटें गड़सा और रायसन पहले से ही बंद चल रही है। जिला की गैस साइट को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने उल्लंघन करने पर बंद किया है जबकि रायसन पैराग्लाइडिंग साइट में करीब दो सप्ताह पहले हादसा होने के बाद पर्यटन विभाग ने बंद कर रखा है लिहाजा पीज से ढालपुर कि यह तीसरी साइट है जिसे पर्यटन विभाग ने नियमों को ताक पर रखने पर बंद किया है।
हैरानी की बात है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद भी अभी तक कई पर पैराग्लाइडिंग सीटों पर मार्शल की तैनाती नहीं की गई है यही कारण है कि पैराग्लाइडिंग संचालक अपनी मनमर्जी से इन सीटों पर उड़ान भर रहे हैं और पर्यटकों की जान को जोखिम में डाल रहे हैं। पीज की इस साइट में भी अभी तक किसी भी सरकारी मार्शल की तैनाती नहीं हुई थी यही कारण है कि यहां भी पैराग्लाइडिंग संचालक बेलगाम हो गए। अब विभाग ने दावा किया है कि इस साइट को सरकारी मार्शल तैनात होने के बाद ही पैराग्लाइडिंग के लिए शुरू किया जाएगा तब तक यह साइट पैराग्लाइडिंग के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
हैरानी की बात है कि तीन दिन पूर्व ढालपुर मैदान में 7:30 बजे से लेकर 7:45 बजे तक करीब 8 से अधिक पैराग्लाइडरों ने लैंडिंग की लेकिन एसोसिएशन की तरफ से सिर्फ एक ही पैराग्लाइडर पायलेट का लाईसंस रद्द करके सिर्फ औपचारिकता निभाने का काम किया है। जिससे इस साइट का संचालन कर रही एसोसिएशन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी है कि एसोसिएशन अन्य पैराग्लाइडर पायलट को बचाने का प्रयास कर रही है।

