देश व दुनिया के लिए कुछ अच्छा तो कुछ बुरा रहेगा 2024

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मनाली (रेणुका गोस्वामी, संवाददाता),
42 दिनों के बाद स्वर्ग प्रवास से लौटे एतिहासिक गांव गोशाल के आराध्यदेवों ने रविवार को भविष्यवाणी की। देवताओं ने (गुर) अपने पुजारी के माध्यम से 2024 को मिलाजुला बताया।कुमकुम व जौ, सेब के पत्ते निकलने से ग्रामीण खुश दिखे तो पुरुष के बाल और पत्थर निकलने से लोग निराश भी दिखे। स्वर्ग प्रवास से लौटे महर्षि गौतम, महर्षि व्यास व कंचन नाग ने कुल्लू घाटी के सैकड़ों लोगों की उपस्थिति में दुनिया भर में होने वाले घटनाक्रम से अवगत करवाया। रविवार सुबह गोशाल गांव देव वाद्य यंत्रों से गूंज उठा। दोपहर बाद कारकूनों ने वाद्य यंत्रों की धुन में देव विधि से कार्रवाई शुरू की। कारकूनों व पुजारियों ने पूजा-अर्चना के बाद मृदा लेप को हटाया। देवता के गूर व कारकूनों ने देव विधि को पूरा किया। मृदा लेप से कुमकुम व सेब के पत्ते निकलने से ग्रामीण खुश हुए और पुरुष के बाल, पत्थर निकलने से चिंतिंत दिखे। देवता ने 2024 दुनिया के लिए मिलाजुला बताया और घाटी में फसल अच्छी होने की बात कही। देवता के कारदार हरि सिंह ने बताया कि कुल मिलाकर यह वर्ष सुखमयी रहेगा। मृदा लेप से निकलने वाली वस्तु का देव समाज में अपना मतलब है। लोहड़ी के दिन देवलुओं ने मिट्टी छानकर पिंडी में मृदा लेप किया था। रविवार को मिट्टी को हटाया तो उसमे कई चीजें निकली। इनके माध्यम से देव समाज के हिसाब से साल भर की भविष्यवाणी की गई।
1 सेब : सेब की फसल बेहतर होने का संकेत।
2 अनाज के छिलके : फसल अच्छी होने का संकेत।
3 कुमकुम : शादियां अधिक होने के संकेत।
4 पत्थर, रेत व बजरी के टुकड़े : नदी में बाढ़ आने का संकेत।
5 भेड़-बकरी के बाल : पशुओं को नुकसान पहुंचने का संकेत।
6 कोयला : अग्निकांड की घटनाएं अधिक होने का संकेत।

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