शिमला (विकास शर्मा, वबयउरो चीफ),
प्रदेश में विभिन्न विभागों, बोर्डो, निगमों में 7 वर्ष से अधिक समय पूर्ण कर चुके अंशकालिन कर्मचारी दैनिक भोगी न होने से निराश है । पूर्व में हर वर्ष 2 बार मार्च व सितम्बर में अपना 7 र्वष र्कायकाल पूर्ण करने के बाद अशंकालिऩ कर्मियों को दैनिक भोगी किया जाता था । इसी तरह ही 2 वर्ष अनुबन्ध पर्ण करने वाले कर्मचारी तथा 4 वर्ष पूर्ण कर चुके दिहाड़ीदार नियमित वर्ष में 2 बार अप्रैल व सितम्बर में नियमित होते थे । लेकिन वर्तमान सरकार ने इस़ निर्णय को बदलकर वर्ष.में केवल एक बार 31 र्माच र्कायकाल पूर्ण करने पर नियमित करने का फैसला लिया हैं जिस कारण कर्मचारीयों को लगभग एक वर्ष का नुकसान होता है| इस फैसले से पार्टटाइम, दिहाड़ीदारों व अनुबन्ध कर्मचारीयों में रोष है |
इसके अलावा सरकार ने 31 र्माच तक 4 वर्ष पूर्ण कर चुके दिहाड़ीदारों, व 2 वर्ष वाले अनुबन्ध कर्मचारीयों को 1 अप्रैल से नियमित करने की जो अधिसूचना जारी की है उसमें अंशकालिन कर्मचारीयों को छोड़ दिया गया है |अधिसूचना जारी न होने के कारण अप्रैल से भी अशंकालिन कर्मचारी दैनिक वेतन भोगी नंही बन पायेंगे क्योंकि मार्च के प्रथम सप्ताह तक लोक सभा चुनाव के लिए आचार संहिता लग सकती है ।
जिस कारण सितम्बर में पहले ही 7वर्ष पूर्ण कर चुके पार्टटाईम वर्कर व 31 र्माच को कार्यकाल पूर्ण करने वाले अंशकालिन कर्मचारीयों को चुनाव बाद तक दैनिक वेतन भोगी बनने का इन्तजार करना पड़ेगा तथा लगभग 6 माह से 1 वर्ष तक का नुकसान होगा । हि० प्र० राजस्व विभाग अंशकालिन कर्मचारी संघ के प्रदेश महामन्त्री किशोर चुन्टा ने प्रदेश सरकार व मुख्यमन्त्री सुखु से शीघ्र कार्यवाही कर अंशकालिन कर्मचारीयों को दैनिक वेतन भोगी करने हेतू अधिसूचना जारी करवाने की मांग की है ताकि चुनाव आचार संहिता के कारण उन्हे दैनिक वेतन भोगी बनने में कोई दिक्कत न आए |

