नारी शक्ति का सम्मान नहीं, सशक्त नेतृत्व का अधिकार—मोदी सरकार ने इतिहास रचा : रमा ठाकुर

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शिमला (विकास शर्मा , ब्यूरो चीफ ),

कहा,,33% आरक्षण नहीं, नए भारत की नई दिशा—अब निर्णय की मेज पर होंगी महिलाएं
धर्मशाला : भाजपा प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी रमा ठाकुर ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया एक ऐतिहासिक, दूरदर्शी और परिवर्तनकारी निर्णय बताते हुए कहा कि यह कानून देश की आधी आबादी को केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि वास्तविक राजनीतिक शक्ति प्रदान करने वाला है।
उन्होंने कहा कि सितंबर 2023 में पारित यह संवैधानिक संशोधन लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और दिल्ली विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण सुनिश्चित करता है, जो भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने वाला निर्णय है।
रमा ठाकुर ने तीखे शब्दों में कहा कि दशकों तक महिलाओं के अधिकारों की बात करने वाली कांग्रेस और अन्य दल केवल वादों तक सीमित रहे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे जमीनी हकीकत में बदलकर दिखाया है। यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की राजनीति में सोच और व्यवस्था दोनों को बदलने का संकल्प है।

उन्होंने कहा कि आज भारत में महिला शक्ति हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही है करोड़ों महिला मतदाता लोकतंत्र को मजबूत कर रही हैं, पंचायतों में लगभग आधी भागीदारी महिलाओं की है,लेकिन संसद और विधानसभाओं में उनका प्रतिनिधित्व अभी भी अपेक्षाकृत कम है।“इसी असंतुलन को खत्म करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक निर्णायक समाधान है,”।

रमा ठाकुर ने केंद्र सरकार की महिला सशक्तिकरण योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में महिलाओं के जीवन स्तर को बदलने के लिए अभूतपूर्व कार्य हुए हैं
उज्ज्वला योजना से करोड़ों माताओं को धुएं से मुक्ति मिली,
जल जीवन मिशन ने घर-घर पानी पहुंचाया, मुद्रा योजना ने महिलाओं को स्वरोजगार की शक्ति दी,और जनधन खातों के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित की गई।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण की निर्णायक भागीदार बनें।जब निर्णय लेने वाली कुर्सी पर महिलाएं बैठेंगी, तो शासन अधिक संवेदनशील, पारदर्शी और जनहितकारी बनेगायह बदलाव देश की दिशा तय करेगा।

प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए रमा ठाकुर ने कहा कि केवल बयानबाजी से महिला सशक्तिकरण नहीं होगा, बल्कि इस ऐतिहासिक कानून को जल्द से जल्द लागू करने के लिए ठोस और स्पष्ट कदम उठाने होंगे।

रमा ठाकुर ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक विधेयक नहीं, बल्कि नए भारत की नई तस्वीर है—जहां महिलाएं नेतृत्व करेंगी, निर्णय लेंगी और देश को विकास के नए शिखर तक ले जाएंगी।”

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