सोलन (नरेंद्र कुमार , संवाददाता ),
जिला पुलिस सोलन ने वाहन पंजीकरण से जुड़े एक बड़े संगठित साइबर एवं दस्तावेजी धोखाधड़ी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। यह मामला 26 जनवरी 2026 को उस समय सामने आया जब क्षेत्रीय परिवहन एवं लाइसेंसिंग प्राधिकरण (R&LA) सोलन की अधिकारी डॉ. पूनम बंसल ने पुलिस अधीक्षक सोलन के माध्यम से पुलिस थाना सदर सोलन में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वाणिज्यिक वाहनों HP-14D-4512, HP-14D-4582 और HP-14D-4586 के पंजीकरण, लोडेड वेट में संशोधन तथा स्वामित्व हस्तांतरण की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं।
प्रारंभिक जांच में VAHAN पोर्टल में अनधिकृत छेड़छाड़, फर्जी यूजर आईडी का उपयोग तथा सरकारी लॉगिन क्रेडेंशियल्स के दुरुपयोग के प्रमाण मिले। इसके आधार पर पुलिस थाना सदर सोलन में FIR संख्या 22/26 दिनांक 26-01-2026 विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोलन ने उप पुलिस अधीक्षक अशोक चौहान के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया।
जांच के दौरान सामने आया कि वाहनों का पंजीकरण निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना किया गया था। मोटर वाहन निरीक्षक के अनिवार्य निरीक्षण के बिना ही पंजीकरण किए गए और डिजिटल रिकॉर्ड में सुनियोजित तरीके से अवैध बदलाव किए गए। साथ ही “JITENTHA” और “DRPOONAM” नाम से फर्जी यूजर आईडी बनाकर वैरिफिकेशन व अप्रूवल की प्रक्रिया पूरी की गई। तकनीकी साक्ष्यों, IP लॉग, OTP रिकॉर्ड और कॉल डिटेल विश्लेषण से पता चला कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन RLA झंडूता में कार्यरत क्लर्क गौरव भारद्वाज द्वारा किया जा रहा था।
आरोपी ने एजेंटों का नेटवर्क बनाकर वाहन मालिकों से अवैध धन वसूला और बदले में लोडेड वेट बढ़ाना, मालिकाना क्रम संख्या बदलना, हाइपोथिकेशन हटाना तथा अवैध ट्रांसफर जैसी गतिविधियां करवाईं। बैंक खातों की जांच में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का भी खुलासा हुआ।
पुलिस ने 3 अप्रैल 2026 को कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को 4 अप्रैल 2026 को अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।