लाहौल (रणजीत लहौली ,संवाददाता ),
“सामाजिक न्यायपूर्ण एवं सामाजिक सुरक्षित पंचायत” श्रेणी में 1 करोड़ रुपये का नकद सम्मान, देश की टॉप पंचायतों में स्थान
उपायुक्त लाहौल‑स्पीति किरण भड़ाना के कुशल, दूरदर्शी एवं प्रेरणादायी नेतृत्व में जिले ने एक बार पुनः राष्ट्रीय स्तर पर अपनी गुणवत्तापूर्ण छवि स्थापित की है। केंद्र सरकार के पंचायती राज मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार 2025 के अंतर्गत दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार (DDUPSVP) की श्रेणी “सामाजिक न्यायपूर्ण एवं सामाजिक सुरक्षित पंचायत” में विकास खंड लाहौल की ग्राम पंचायत शांशा को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। पंचायती राज मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार डॉ. विजय कुमार बेहरा (IES) द्वारा 30 मार्च 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से यह घोषणा की गई। इस उपलब्धि के तहत ग्राम पंचायत शांशा को राष्ट्रीय स्तर पर 1 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी, जो सीधे पंचायत के विकास खाते में जमा की जाएगी।उपायुक्त ने बताया कि देशभर से चयनित कुल 27 ग्राम पंचायतों में शांशा पंचायत “सामाजिक न्याय एवं सामाजिक सुरक्षा” श्रेणी के टॉप‑3 में शामिल होकर लाहौल‑स्पीति जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
उन्होंने जिले के सभी विकास खंडों की पंचायतों को समाज के विभिन्न वर्गों तक योजना लाभ की समान पहुँच सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए हैं तथा ग्राम पंचायतों के लिए तकनीकी सहयोग, डिजिटल लेखांकन, आधार‑आधारित लाभार्थी सूचियों का जाँच‑पुनर्जाँच तथा ग्राम सभा‑आधारित निर्णय‑प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया।
उपायुक्त लाहौल‑स्पीति किरण भड़ाना ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “यह पूरे लाहौल‑स्पीति जिले के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।
उन्होंने ग्राम पंचायत शांशा को हार्दिक बधाई दी तथा कहा कि इस प्रकार के पुरस्कारों से ज़िला की अन्य पंचायतों को भी अलग अलग क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी । उन्होंने कहा कि प्रशासन ज़िला के समान विकास के लिए तथा हर संभव सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।
केलांग से रंजीत लाहौली रिपोर्टिंग



