ब्यूरो रिपोर्ट।
हिमाचल प्रदेश में बिना नक्शा पास कराए भवन मालिकों पर अब सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। नगर निकायों से एनओसी नहीं लेने वाले उपभोक्ताओं को अब घरेलू बिजली की उच्चतम दर पर बिल चुकाना होगा।सरकार के इस फैसले के तहत ऐसे उपभोक्ताओं को अब 4.17 रुपये प्रति यूनिट की जगह 6.11 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल देना होगा। यानी प्रति यूनिट 1.94 रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। यह व्यवस्था प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में लागू की जाएगी।जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 से पहले बिजली कनेक्शन लेने के लिए भवन के नक्शे की मंजूरी और नगर निकाय से एनओसी अनिवार्य थी। जिन उपभोक्ताओं के पास एनओसी नहीं होती थी, उन्हें अस्थायी कनेक्शन दिए जाते थे, जिन पर 8.42 रुपये प्रति यूनिट की दर लागू होती थी।हालांकि मार्च 2022 में सरकार ने राहत देते हुए बिना एनओसी भी घरेलू बिजली कनेक्शन देने का निर्णय लिया था। इस दौरान कई अस्थायी कनेक्शनों को भी घरेलू श्रेणी में परिवर्तित कर दिया गया था। अब सरकार ने ऐसे उपभोक्ताओं को घरेलू दरों के उच्चतम स्लैब में शामिल करने का फैसला लिया है।उधर, सरकार ने बिजली सब्सिडी को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की है। अब एक परिवार को केवल दो बिजली मीटरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। तीसरे कनेक्शन पर उपभोक्ताओं को बिना किसी रियायत के पूरी दर से बिजली बिल चुकाना होगा।अब तक हर कनेक्शन पर प्रति माह 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दी जा रही थी, लेकिन कई उपभोक्ता एक से अधिक मीटर लेकर इसका लाभ उठा रहे थे। सरकार ने इस पर रोक लगाने के लिए यह कदम उठाया है।वहीं, बिजली की नई दरों में घरेलू उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। नियामक आयोग ने 126 से 300 यूनिट और 300 यूनिट से अधिक के दो स्लैब तय किए हैं। 126 से 300 यूनिट के लिए 5.89 रुपये प्रति यूनिट दर निर्धारित की गई है, जिस पर सरकार 1.73 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी देकर राहत देती रही है।प्रदेश में अब तक 29,344 उपभोक्ता स्वेच्छा से सब्सिडी छोड़ चुके हैं। इनमें 13,668 सरकारी कर्मचारी, 11,364 पेंशनर और 4,312 आम उपभोक्ता शामिल हैं।