कुल्लू (आशा डोगरा ,सब एडिटर ),
राज्य खाद्य आयोग के चेयरमैन डॉ. एसपी कत्याल ने जिला कुल्लू के तीन दिवसीय दौरे के दौरान साफ शब्दों में कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित होने वाले राशन की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि आटा मिलों में आटा पिसाई की प्रक्रिया तक विभागीय अधिकारियों की निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को शुद्ध और मानक गुणवत्ता का राशन मिल सके।
चेयरमैन ने बताया कि अब राशन के सरकारी भंडारों में भी संबंधित विभागों के अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। इसका उद्देश्य भंडारण, वितरण और गुणवत्ता नियंत्रण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दौरे के दौरान डॉ. कत्याल ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसके अलावा राशन डिपुओं, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों और खाद्य भंडारों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बच्चों को दिए जा रहे पोषण आहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
चेयरमैन ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित संस्थानों में आवश्यक सूचनाएं डिस्प्ले की जाएंगी, ताकि आम नागरिकों को उनके अधिकारों की पूरी जानकारी मिल सके।
उन्होंने बताया कि राशन की गुणवत्ता मापने के लिए आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। राज्य खाद्य आयोग का लक्ष्य है कि लोगों तक बेहतर गुणवत्ता का खाद्यान्न पहुंचे और बच्चों को पर्याप्त व संतुलित पोषण उपलब्ध हो।
डॉ. कत्याल ने स्पष्ट किया कि राज्य में खाद्य सुरक्षा कानून को मजबूत बनाने और आमजन के हितों की रक्षा के लिए आयोग पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


