नाहन (हेमंत चौहान, संवाददाता),
महिला एवं बाल विकास विभाग, हिमाचल प्रदेश के अंतर्गत बाल विकास परियोजना नाहन में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए “पोषण भी, पढ़ाई भी” कार्यक्रम के तहत तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री पवन गर्ग ने किया। इसमें परियोजना क्षेत्र की 70 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
बाल विकास परियोजना अधिकारी नाहन श्री ईशाक मोहम्मद ने बताया कि कार्यशाला में नई शिक्षा नीति एवं आईसीडीएस के अंतर्गत 0–6 वर्ष के बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं के पोषण तथा प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान 0–3 वर्ष के बच्चों के लिए नवचेतना एवं 3–6 वर्ष के बच्चों के लिए आधारशिला पुस्तकों पर आधारित गतिविधियों को विस्तार से समझाया गया, जिनमें मासिक, साप्ताहिक व दैनिक गतिविधियों को शामिल किया गया है, ताकि बच्चों का सामाजिक एवं बौद्धिक विकास सुनिश्चित हो सके।
कार्यशाला में आंगनवाड़ी संचालन में सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। साथ ही पहली बार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिव्यांग बच्चों की शीघ्र पहचान एवं 21 प्रकार की दिव्यांगताओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, ताकि समय रहते उपचार संभव हो सके। बच्चों में कुपोषण की रोकथाम, कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों की पहचान एवं उपचार पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला में पर्यवेक्षक श्री प्रदीप मटनागर, श्री कमल सैनी, कु. जाहिदा, श्री धीरज पुंडीर, श्रीमती सुनीता शर्मा, डॉ. श्रुति शर्मा, डॉ. आरिशा, सेवानिवृत्त जिला कार्यक्रम अधिकारी जिला सिरमौर श्री सुनील दत्त शर्मा तथा श्री सुरेंद्र सिंह (सांख्यिकी सहायक) सहित अन्य विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को जानकारी प्रदान की।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व 25 से 27 दिसंबर 2025 तक 100 प्रतिभागियों को प्रथम चरण में प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

