नाहन (संध्या कश्यप, संवाददाता),
शिलाई क्षेत्र से साइबर अपराध और मानव तस्करी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। कांड़ो गांव निवासी युवक प्रवीन शर्मा के साथ विदेश में रोजगार दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की गई। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस थाना शिलाई में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।प्रवीन शर्मा के अनुसार, कुछ समय पहले उसके मोबाइल फोन पर एक व्यक्ति से संपर्क हुआ, जिसने खुद को एजेंट बताते हुए विदेश में अधिक कमाई वाली नौकरी का प्रस्ताव दिया। आरोपी ने उससे 70 हजार रुपये लेकर पहले थाईलैंड के बैंकॉक भेजा। वहां पहुंचने के बाद उसे अन्य युवकों के साथ थाईलैंड के सीमावर्ती इलाके में ले जाया गया और फिर जंगल के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार की सीमा पार करवाई गई।म्यांमार पहुंचने पर युवक को एक कंपनी में जबरन काम कराया गया। यहां उसकी एक फर्जी महिला पहचान बनाई गई और उसे विदेशी नागरिकों से ऑनलाइन चैट करने के लिए मजबूर किया गया। आरोप है कि आधुनिक AI तकनीक का इस्तेमाल कर उससे नकली लाइव वीडियो कॉल भी करवाई जाती थीं।पीड़ित ने बताया कि जब उसने भारत लौटने की इच्छा जताई, तो उससे भारी रकम की मांग की गई। बाद में थाईलैंड की सेना द्वारा उसे रेस्क्यू किया गया, लेकिन अवैध रूप से सीमा पार करने के कारण उसे करीब आठ दिन जेल में रहना पड़ा। अंततः 10 नवंबर 2025 को भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप से उसे भारत वापस लाया गया। पुलिस इस पूरे मामले को अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी और मानव तस्करी से जोड़कर जांच कर रही है।पुलिस ने आम जनता से अपील है कि इस प्रकार विदेश जाकर अधिक पैसे कमाने के लालच में किसी एजेन्ट के झासे में न आएं क्योंकि इससे पैसों का धोखा व किसी प्रकार की अनहोनी घटना होन की सम्भावना रहती है।

