रिकांगपिओ (सुरजीत नेगी, संवाददाता),
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने आज यहां बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के दिशा-निर्देशों के तहत जम्मू एवं कश्मीर संभाग के प्रवासी मतदाताओं (M-Voters) के लिए Form-M एवं Form-12C के ऑनलाइन संग्रहण हेतु एक मानक कार्यप्रणाली (SOP) जारी की गई है। यह सुविधा ऑफलाइन प्रक्रिया के अतिरिक्त रूप से उपलब्ध कराई गई है ताकि सभी पात्र प्रवासी मतदाता अपने मतदान के अधिकार का सुगमता से प्रयोग कर सकें।
वे सभी मतदाता जो कश्मीर संभाग के निवासी हैं तथा राहत एवं पुनर्वास आयुक्त, जम्मू एवं कश्मीर द्वारा जारी प्रमाणपत्र धारक हैं, परंतु वर्तमान में भारत के अन्य स्थानों पर निवास कर रहे हैं, वे इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
ऐसे मतदाता डाक मतपत्र (Form-12C) अथवा विशेष मतदान केंद्र (Form-M) में से किसी एक विकल्प का चयन कर सकते हैं। विशेष मतदान केंद्र दिल्ली, उदमपुर और जम्मू में स्थापित किए जाएंगे।
फॉर्म जमा करने की प्रक्रिया:
1. इच्छुक आवेदक Form-M या Form-12C को निर्वाचन आयोग (ECI) या VSP वेबसाइट से डाउनलोड कर सकता है।
2. मतदाता अपने निकटतम निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) कार्यालय में फॉर्म व आवश्यक दस्तावेज़ जमा करेगा।
3. आवश्यक दस्तावेज़ों में शामिल हैं —
भरा हुआ Form-M या Form-12C
वर्तमान निवास का प्रमाण पत्र
राहत एवं पुनर्वास आयुक्त, जम्मू एवं कश्मीर द्वारा जारी प्रवासी पंजीकरण प्रमाणपत्र
ERO की प्रक्रिया:
संबंधित ERO, फॉर्म व दस्तावेज़ प्राप्त करने के बाद ERONET (ECINET) पोर्टल पर “J&K Migrant Voters” सेक्शन में लॉगिन करेगा।
आवेदक के EPIC नंबर अथवा भाग-संख्या से विवरण खोजे जाएंगे।
विवरण मिलान के उपरांत, ERO दस्तावेज़ों का सत्यापन कर फॉर्म को संबंधित ARO (Migrant) — जम्मू, उदमपुर या दिल्ली — को अग्रेषित करेगा।
सभी अपलोडेड फॉर्म की रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।
ARO की प्रक्रिया:
संबंधित ARO (Migrant) को प्राप्त सभी Form-M एवं Form-12C की सूची पोर्टल पर दिखाई देगी।
प्रत्येक फॉर्म के साथ संलग्न दस्तावेज़ — पंजीकरण प्रमाणपत्र एवं निवास प्रमाणपत्र — को डाउनलोड कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्राप्त फॉर्मों के आधार पर ARO आगे की प्रक्रिया ऑफलाइन पूर्ण करेगा।
इस प्रणाली के लागू होने से जम्मू-कश्मीर के प्रवासी मतदाताओं को मतदान पंजीकरण से लेकर मताधिकार प्रयोग तक की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुलभ होगी।