जिला सिरमौर के शिलाई विकासखंड में पंचायत चुनावों को लेकर कुछ शातिर तत्वों द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए कथित आरक्षण रोस्टर तैयार कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। इससे क्षेत्र में भ्रम का माहौल पैदा हो गया। इस मामले पर उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने कड़ा संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया कि उपायुक्त कार्यालय की ओर से ऐसा कोई भी आरक्षण रोस्टर जारी नहीं किया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित इस दस्तावेज़ को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक करार दिया।
डीसी ने बताया कि चुनाव जैसे संवेदनशील विषय पर झूठी और अपुष्ट जानकारी फैलाना गंभीर अपराध है। इस तरह की फेक न्यूज न केवल आम जनता को गुमराह करती है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिन्ह लगाती है। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत संबंधित विभाग को दी जा चुकी है और जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की सूचना केवल आधिकारिक स्रोतों से ही लें और सोशल मीडिया पर अपुष्ट दस्तावेज़ साझा करने से बचें।


