ददाहू (हेमंत चौहान, संवाददाता),
डी.ए.वी.एन. पब्लिक स्कूल ददाहू में गणेश चतुर्थी के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणेश के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसमें विद्यालय के सभी शिक्षक व विद्यार्थियों ने श्रद्धा पूर्वक भाग लिया।इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक सत्यप्रकाश शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गणेश चतुर्थी भाद्रपद मास में मनाई जाती है और यह पर्व हमें यह संदेश देता है कि कठिनाइयों से घबराना नहीं चाहिए। दृढ़ विश्वास और भगवान की कृपा से सभी विघ्न दूर हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि समृद्धि, बुद्धि और विघ्नहर्ता के देवता भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में यह पर्व मनाया जाता है।प्रधानाचार्य धनेन्द्र गोयल ने विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए बताया कि गणेश चतुर्थी का आरंभ छत्रपति शिवाजी महाराज ने महाराष्ट्र में किया था ताकि लोगों में धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़े। उन्होंने कहा कि इस दिन हमें भगवान गणेश से प्रार्थना करनी चाहिए कि वे हमें बुद्धि, स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करें तथा हमारे जीवन के सभी विघ्नों का नाश करें।अध्यापक धनवीर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान गणेश प्रथम पूज्य हैं। यह वरदान उन्हें माता पार्वती और भगवान शिव से उनकी मातृ-पितृ भक्ति के कारण प्राप्त हुआ। इससे हमें शिक्षा मिलती है कि माता-पिता की भक्ति से ही हम भगवान की कृपा के पात्र बन सकते हैं।प्रधानाचार्य धनेन्द्र गोयल ने आगे कहा कि विद्यालय में सभी पर्व और अवसर हर्ष व उल्लास से मनाए जाते हैं। इनका उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में धर्म, संस्कृति और आदर्शों के प्रति श्रद्धा जागृत करना भी है। संस्कारों से जुड़ा विद्यार्थी अपने लक्ष्यों की ऊँचाइयों को अवश्य छूता है।इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य, सभी अध्यापक, समस्त विद्यार्थी और विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।


