जिला सोलन के वाकना घाट स्थित (जेयूआईटी) में स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन हिमाचल प्रदेश व रोटरी क्लब की ओर से अंगदान संबंधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सोटो के नोडल अधिकारी डॉ पुनीत महाजन ने पावरप्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिए छात्रों को “समाज में अंगदान की जरूरत” के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अंगदान जीवित व मृत दोनों परिस्थितियों में किया जा सकता है। जीवित रहते अंगदान में व्यक्ति नजदीकी रिश्तेदार को किडनी, पेनक्रियाज व लीवर का एक भाग दान कर सकता है। वही ब्रेन डेड स्थिति में व्यक्ति अपने आठ अंग दान करके जरूरतमंद मरीजों का जीवन बचा सकता है। उन्होंने बताया कि ब्रेन डेड की स्थिति कोमा से बिल्कुल अलग होती है इसमें शरीर वेंटीलेटर के जरिए काम कर रहा होता है और ब्रेन पूरी तरह से मृत हो चुका होता है। उन्होंने बताया कि साल 2023 तक देश भर में करीब 1037 लोगों ने अंगदान किया जबकि हर साल दर्जनों लोग अलग-अलग दुर्घटनाओं के कारण ब्रेन डेड होते हैं जो कि अंगदान के लिए सक्षम होते हैं। उन्होंने बताया कि हर साल 2 लाख मरीजों को किडनी की जरूरत होती है जबकि महज 10 हजार ट्रांसप्लांट हो पाते हैं। वहीं देश में हर साल 30 हजार व्यक्तियों को लीवर की जरूरत होती है जबकि 2 हजार ट्रांसप्लांट ही होते हैं। इसके अलावा प्रतिवर्ष 10 लाख लोगों को आंखों की जरूरत होती है लेकिन महज 50 हजार नेत्र ट्रांसप्लांट हो पाते हैं। देश में अंगदान व नेत्रदान के प्रति जागरूकता ना होने के कारण ऐसा हो रहा है। उन्होंने बताया कि अंगदान किसी भी जाति, धर्म, समुदाय, लिंग, व आयु के लोग कर सकते हैं। अंगदान से संबंधित सही जानकारी वह भ्रम होने की वजह से अधिकतर लोग अंगदान करने से पीछे हट जाते हैं । इसीलिए अगर लोगों में पहले से अंगदान को लेकर पर्याप्त जानकारी होगी तभी ऐसे मौके जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हो सकते हैं।
सोटो हिमाचल की ऑफिशल वेबसाइट www.sotto himachal.in के तहत अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे बैठे अंगदान करने के लिए शपथ पत्र भर सकता है। वेबसाइट पर कर कोड स्कैन कर रजिस्ट्रेशन की औपचारिकता पूरी करते हुए व्यक्ति अंगदान की इच्छा जाहिर कर सकता है। यह प्रक्रिया आधार लिंक होगी। मौजूदा समय में प्रदेश भर से करीब 1226 लोगों ने अंगदान का शपथ पत्र भरा है।
रोटरी क्लब के असिस्टेंट गवर्नर जोन-1 रुचिरा टांगरी, वाइस प्रेसिडेंट अरुणा शर्मा, क्लब सेक्रेटरी तरुणा कौशल, पब्लिक इमेज चेयर गीता कपूर, डायरेक्टर मंजूषा पठानिया, एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी गुरप्रीत सौंध, जेयुआईटी के वीसी प्रो. डॉ राजेंद्र कुमार शर्मा, डीन ए एंड आर प्रो. डॉ अशोक कुमार गुप्ता, एसोसिएट डीन इनोवेशन प्रो श्रुति जैन, रेजिस्ट्रार डिजिग्नेट आरके शर्मा सहित डॉ नैंसी, डॉ पूनम, डॉ अशोक, डॉ ऋषि राणा व अखिलेश सिंह मौजुद रहे .


