(ब्यूरो रिपोर्ट),
राज कुमार चौधरी ने 7 अगस्त 2024 को भारत की अग्रणी जलविद्युत कंपनी और भारत सरकार की अनुसूची ‘ए’ उद्यम एनएचपीसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक का पदभार ग्रहण किया है। आर.के. चौधरी इससे पहले एनएचपीसी में निदेशक (तकनीकी) के पद पर कार्यरत थे। चौधरी बीआईटी सिंदरी से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक हैं और उन्होंने प्रबंधन में एडवांस डिप्लोमा भी अर्जित किया है। वे 1989 में झारखंड के कोयल कारो जलविद्युत परियोजना में प्रोबेशनरी एग्जीक्यूटिव (सिविल) के रूप में एनएचपीसी में शामिल हुए थे। अपने शानदार करियर के दौरान चौधरी एनएचपीसी में विभिन्न पदों पर लगातार आगे बढ़ते रहें, जिसमें एनएचपीसी के निदेशक (तकनीकी) का पद भी शामिल है। इसके पश्चात उन्हें एनएचपीसी के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। चौधरी ने निगम मुख्यालय में कॉस्ट इंजीनियरिंग और डिजाइन व इंजीनियरिंग विभागों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। उन्होने एनएचपीसी के कोयल कारो, कलपोंग, तीस्ता-V और सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजनाओं में कार्य किया है। चौधरी ने भूटान के मांगदेछू और पुनात्संगछू-II जलविद्युत परियोजनाओं में निदेशक (तकनीकी) के रूप में भी कार्य किया है। उन्हें जलविद्युत परियोजनाओं के कांसेप्ट से लेकर कमीशनिंग तक, जलविद्युत परियोजनाओं के विकास के सभी पहलुओं का अनुभव है। उन्होंने भारत और भूटान में जलविद्युत के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। चौधरी ने कलपोंग जलविद्युत परियोजना में कांसेप्ट से लेकर कमीशनिंग तक का कार्य किया है। यह परियोजना निर्धारित समय से 16 महीने पहले ही कमीशन हो गयी थी। यह एनएचपीसी के लिए एक उल्लेखनीय उपलब्धि थी क्योंकि यह परियोजना अंडमान और निकोबार के एक सुदूर द्वीप में स्थित थी। चौधरी ने सिक्किम में तीस्ता-V जलविद्युत परियोजना (510 मेगावाट) और भूटान में मांगदेछू जलविद्युत परियोजना (720 मेगावाट) की कमीशनिंग में सक्रिय भूमिका निभाई है। चौधरी ने भूटान में 1020 मेगावाट ताला जलविद्युत परियोजना के एचआरटी की मरम्मत में एक विशेषज्ञ सदस्य के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। चौधरी रतले हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड में नामित निदेशक भी हैं।

