शिमला : (विकास शर्मा/ब्यूरो चीफ),
देश में अंगदान जन जागरूकता अभियान 1 जुलाई 2024 से शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में स्टेट ऑर्गन एंड टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन हिमाचल प्रदेश की ओर से लोगों को अंगदान के प्रति जानकारी उपलब्ध करवाने और इससे संबंधित भ्रांतियों को दूर करने के लिए विभिन्न जागरूकता शिविर आयोजित करवाए जाएंगे। यह जागरूकता अभियान यह जागरूकता अभियान आगामी 3 अगस्त यानी इंडियन ऑर्गन डोनेशन डे तक चलेगा। इसके तहत विभिन्न शैक्षणिक व स्वास्थ्य संस्थानों में सोटो की टीम अंगदान करने व शपथ पत्र भरने के लिए प्रेरित करेगी। इस अभियान के तहत साइक्लिंग, स्लोगन राइटिंग, पोस्टर मेकिंग, रंगोली, रैली, फेस पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक सहित अन्य गतिविधियों के जरिए जन जन तक अंगदान का लाभ समझाया जाएगा। सोटो के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. शोमिन धीमान ने बताया कि सोटो की ओर से हर साल की भांति इस साल भी अंगदान माह मनाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को साथ मिलकर अंगदान से संबंधित भ्रांतियां को दूर करने में सहायक बने ताकि अंगदान के जरिए अधिक से अधिक लोगों के जीवन बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि एक ब्रेन स्टेम डेड व्यक्ति आठ लोगों की जिंदगी बचा सकता है। अंगदान एक नया जीवनदान है जो कि व्यक्ति मरने के बाद दे सकता है।एक व्यक्ति जिसकी उम्र कम से कम 18 वर्ष हो वह स्वैच्छिक रूप से अपने करीबी रिश्तेदारों को देश के कानून और नियमों के दायरे में रहकर अंगदान कर सकता है। अंगदान से संबंधित सही जानकारी वह ब्रह्म होने की वजह से अधिकतर लोग अंगदान करने से पीछे हट जाते हैं प्रोग्राम इसीलिए अगर लोगों में पहले से अंगदान को लेकर पर्याप्त जानकारी होगी तभी ऐसे मौके जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हो सकते हैं।सोटो हिमाचल की ऑफिशल वेबसाइट www.sotto himachal.in के तहत अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे बैठे अंगदान करने के लिए शपथ पत्र भर सकता है। वेबसाइट पर कर कोड स्कैन कर रजिस्ट्रेशन की औपचारिकता पूरी करते हुए व्यक्ति अंगदान की इच्छा जाहिर कर सकता है। यह प्रक्रिया आधार लिंक होगी। मौजूदा समय में प्रदेश भर से करीब 1000 से अधिक लोगों ने अंगदान का शपथ पत्र भरा है। रिज मैदान के ओपन थिएटर में युवाह संस्था व सोटो की ओर से अंगदान के संबंध नुक्कड़ नाटिका का आयोजन किया गया। इसमें समझाया गया कि कैसे एक ब्रेन डेड व्यक्ति अंगदान करके जरूरतमंदों की जिंदगी बचा रहा है। इसके अलावा आईजीएमसी में डॉक्टर डे के उपलक्ष पर रक्तदान के साथ अंगदान का जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें एमबीबीएस के छात्रों को अंगदान के बारे में जानकारी दी गई और शपथ पत्र भरे गए।

