मनाली (रेणुका गोस्वामी, संवाददाता),
लाहुल पोटैटो सोसायटी के चेयरमैन सुदर्शन जस्पा ने कहा कि पूर्व चैयरमैन व कुछ लोग राजनीतिक इशारे पर तथ्यहीन व्यानबाजी कर रहे हैं जो सोसायटी के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को खुद किसानों ने धक्के मारकर बाहर दिखाया था आज वो ही लोग सोसायटी के हित की बात करते हुए तथ्यहीन आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व चैयरमैन व कुछ लोग राजनीतिक इशारे पर काम कर रहे हैं। जिसके चलते सोसायटी को भारी नुकसान हो रहा है। जो पूर्व चेयरमैन सोसायटी के हित की बात कर रहे हैं वो लाहुल में लगाए जा रहे सोसायटी के पेट्रोल पंप लगाए जाने के कार्य में रोड़ा अटका रहे हैं। सोसायटी के रायसन स्थित प्रोसेसिंग यूनिट का जो साढ़े 4 करोड़ धन प्रदेश सरकार के पास पड़ा है अगर यह मिल जाता है तो सोसायटी की काफी देनदारियां कम होंगी । सुदर्शन जस्पा ने कहा कि तथ्यहीन आरोप लगाने वाले लोग अगर अपने कार्यकाल में सही काम करते तो आज सोसायटी करोड़ों की देनदारी पर खड़ी नहीं होती। जस्पा ने कहा कि यह वही पुरानी देनदारियां हैं जो पूर्व कार्यकारिणी के वित्तीय कुप्रवन्धन के चलते खड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक सोसायटी की संपत्ति बेचने के आरोप जो उन्होंने लगाए हैं वो चेयरमैन का निजी मसला नहीं है। यह निर्णय प्रवंधन समिति सहित समस्त किसानों का था। यह इसलिए भी जरूरी था कि 2010 से 2020 की ऑडिट रिपोर्ट में हर बार प्रश्नचिन्ह लगता था कि बेकार पड़ी सम्पत्ति को बेचकर सोसायटी के कर्ज को कम किया जा सकता है। जस्पा ने कहा कि किसानों के हित में बेकार पड़ी सम्पत्तियों को बेचा गया है। सोसायटी के कर्ज को कम करने की कोशिश की है। मोहरा बनकर बयान देने वाले पूर्व चेयरमैन को जस्पा ने खुली चुनौती दी है कि वह किसानों के मंच पर सोसायटी के जनरल हाउस में तथ्यों के साथ आएं तभी उनसे इस विषय में बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि लाहुल स्पीति के विधायक रवि ठाकुर सोसायटी के मामले में राजनीति न करें। जस्पा ने कहा कि किसानों के हक का पैसा जहां पहले सोसायटी का कर्ज चुकाने में लगाया जाता था वो पैसा अब किसानों के हित में ही प्रयोग हो रहा है। इसका ही परिणाम है कि सोसायटी ने पहली बार किसानों को आलू के दाम बढ़ाकर 2100 प्रति बैग दिए हैं जो किसानों को दिया जाने वाला आजतक का सबसे ज्यादा मूल्य है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद से त्यागपत्र लाहुल के किसानों के हित को देखते हुए दिया है वह इस पद पर रहें या नहीं लेकिन किसानों के हित की लड़ाई जारी रहेगी ।

