मनाली (रेणुका गोस्वामी),
लाहौल पोटैटो सोसायटी के चेयरमैन के इस्तीफा प्रकरण को लेकर पूर्व चेयरमैन कमल सिंह बोद्ध ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा की उनके कार्यकाल में सोसाइटी घाटे में नही था। सुदर्शन जस्पा पहले अध्यक्ष हुए हैं जिन्होंने सोसाइटी के सम्पतियों को बेचा है। पूर्व चेयरमैन कमल सिंह बौद्ध ने कहा कि सुदर्शन जस्पा ने चेयरमैन पद से त्यागपत्र देकर किसानों के साथ विश्वासघात किया है। मनाली में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सोसायटी की आर्थिक तंगी से घबराकर भागना दुःखद है। औपचारिकताएं पूरी किए बिना डेढ़ करोड़ की संम्पति बेच दी है। उन्होंने कहा कि सुदर्शन जस्पा किसानों की उम्मीद पर खरा नहीं उतरे हैं। कमल ने कहा कि उनके कार्यकाल में सोसायटी आठ लाख घाटे पर चल रही थी लेकिन आज चेयरमैन जस्पा के अनुसार घाटा 14 करोड़ के लगभग हो चुका है। उन्होंने कहा कि यह सब कुप्रवन्धन का नतीजा है कि आज सोसायटी के पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे नहीं है। उन्होंने कहा कि हर साल वार्षिक अधिवेशन में चेयरमैन सुदर्शन जस्पा मुनाफे की बात करते थे लेकिन जब कार्यकाल संपन्न होने को है तो सुदर्शन जस्पा सोसायटी के घाटे की बात कर रहे हैं। जस्पा ने अब तक किसानों को अंधेरे में रखा है। उन्होंने कहा कि गोंपाथंग में एलपीएस ने बिना औपचारिकता के पैट्रोल पंप खोल दिया है। उन्होंने कहा कि इस कार्यकारिणी ने 2019 से 2024 तक सोसायटी के डूबे धन को निकालने का प्रयास नहीं किया जबकि सोसायटी की पुरानी संपति को बेचने में देरी नहीं लगाई। उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे लाहुल के किसान इस सब बातों का हिसाब करेंगे।

