चंबा (एम एम डैनियल/ब्यूरो चीफ),
2000 मेगावाट की सुबनसिरी लोअर परियोजना की विशिष्ठ उपलब्धियों में से एक उपलब्धि के रूप में बांध के सभी ब्लॉकों में टॉप लेवल ईएल 210 हासिल कर लिया गया है। गौर हो कि 12 अक्तूबर 2004 को फॉरेस्ट क्लियरेन्स के उपरांत एनएचपीसी द्वारा सुबनसिरी लोअर परियोजना का निर्माण कार्य जनवरी 2005 को आरंभ किया गया। तत्पश्चात स्थानीय हितधारकों के आंदोलन एवं विरोध के कारण निर्माण कार्य दिसंबर 2011 से अक्टूबर 2019 तक रुका रहा। इसके बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा सभी कानूनी मुद्दे निपटाने के बाद परियोजना का निर्माण कार्य 12 अक्तूबर 2019 को दोबारा आरंभ हुआ, जिसमें बाँध, पॉवर हाउस, जलयांत्रिक कार्यों जैसे परियोजना के सभी महत्वपूर्ण घटकों का निर्माण कार्य काफी तेज गति से पूर्णता की ओर बढ़ रहा है। इसी दिशा में डैम के टॉप लेवल का काम पूरा होना सुबनसिरी लोअर परियोजना की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। परियोजना का लगभग 90 फीसदी कार्य पहले ही पूरा हो चुका है। वहीं वित्त मानसून के बाद रेडियल गेट का शेष कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा तथा वित्तीय वर्ष 2023-24 के अंत तक विद्युत उत्पादन भी शुरू हो जाएगा। जिससे सुबनसिरी लोअर परियोजना के पूर्ण होने के बाद इससे लगभग 7500 मिलियन यूनिट (90 प्रतिशत डिपेन्डेबल वर्ष) विद्युत का वार्षिक उत्पादन किया जाएगा।

