राजगढ़ (पवन तोमर/ब्यूरो चीफ),
जल शक्ति विभाग के मंडल कार्यालय राजगढ़ में डियूटी ज्वायन करने उपरांत अधीशासी अभियंता डॉ. मंदीप गुप्ता ने फील्ड का रूख करके धीमी गति से चल रही विभाग की योजनाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। जिससे अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। डॉ. गुप्ता ने जहां राजगढ़ के सेरमनौण की दो वर्षों से बंद पड़ी सिंचाई योजना को दो दिन में शुरू करने का रिकार्ड कायम किया है वही पर बीते दिन डॉ. गुप्ता ने नारग क्षेत्र की 11 पंचायतों के लिए निर्मित की जा रही 26 करोड़ की उठाऊ पेय जल योजना के धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्यों का जल स्त्रोत के गिरि नदी के चबेवगा में जाकर पीएमसी टीम सहित निरीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त उन्होंने इस पेयजल योजना के वितरण प्रणाली की गुणवता का भी गहनता से अवलोकन किया। इस मौके पर उन्होने जल स्त्रोत के साथ चल रहे भूमि विवाद का भी मौके पर निपटारा किया ताकि निर्माण कार्य बाधित न हो। तदोंपरांत डॉ. गुप्ता ने बागपशोग के शी-हॉट में पीएमसी और जेएसवी विभाग के अधिकारियों के साथ एक बैठक की गई, जिसमें ठेकेदार को इस योजना के निर्माण कार्य को अगले वर्ष मार्च 2024 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि नेशनल विकास बैंक के सौजन्य से इस योजना का निर्माण किया जा रहा है जिसके अंतर्गत नारग क्षेत्र की 11 पंचायतों के 57 गांव और 85 छोटी छोटी बस्तियों सहित करीब 14 हजार आबादी कवर होगी। उन्होंने बताया कि लाभान्वित होने वाली पंचायतों में साधनाघाट, नैनाटिक्कर, नारग, डिलमन, शाड़िया, महलोग लाल टिक्कर, चमेंजी, वासनी, शीनाघाट, दीद गलूत और बनौणा पंचायत शामिल है। उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस महत्वकांक्षी योजना का निर्माण कार्य प्राथमिकता आधार पर किया जाए ताकि सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य को समयबद्ध हासिल किया जा सके। डॉ. गुप्ता ने स्पष्ट किया कि योजना के निर्माण कार्यों में गुणवता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में जेएसवी विभाग के सहायक अभियंता संजय मोकटा, जेई मनमोहन, सुपरवाईजर मदन कुमार के अतिरिक्त प्रोजेक्ट इ्रचार्ज विक्रम राणा, फील्ड इंजीनियर पीएमसी सन्नी सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

