भरमौर (महिंद्र पटियाल/संवाददाता),
जन-जातीय क्षेत्र भरमौर में भालुओं का आंतक शुरू हो गया है | वीरवार को प्रंघाला पंचायत के गांव पालधा में 2 भेड़ बकरियां भालु की शिकार बनी, जिसमें रांज्ञा राम पुत्र जफा राम गांव मलकौता की एक भेड़ व एक भेड़पालक गांव बलमुई की भी एक बकरी भालु की शिकार बनी व वीरवार को ही प्रंघाला पंचायत के गांव रजौर में भी तीन भेड़ बकरियां पवन कुमार पुत्र हामा राम की भालु की शिकार हुई व इसी पंचायत के गांव खुंड में भी एक भेड़ पालक के बकरी भालु की शिकार बनी | प्रंघाला पंचायत प्रधान बबली देवी ने संबंधित विभाग से आग्रह किया है कि जो जंगली भालु आबादी एरिया के नजदीक घूम रहे हैं जिससे कि स्कूली बच्चों, किसानों -बागवानों के लिए भी खतरा बना हुआ है व प्रभावितों को भी विभाग मुआवजे का प्रावधान करें | इसी संदर्भ में वन मंडल अधिकारी भरमौर नरेंद्र ठाकुर से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि भेड़ पालक पशुपालन विभाग द्वारा मुआइना करा कर विभाग से रिपोर्ट लेकर मुआवजा प्राप्त कर सकते हैं व स्थानीय लोग जब भी जंगली रास्तों से गुजरे तो झुंड में गुजरे व शोर करते हुए निकले जिस स्थिति में भालु हमला करने में सक्षम नहीं हो पाता | आपको बता दें कि जन-जातीय क्षेत्र भरमौर में फसलों के तैयार होने व फल फ्रूट सीजन में भालु के हमले काफी बढ़ जाते हैं व क्षेत्र के कई लोग इनके शिकार हो चुके हैं |

