अहम है नर्सिंग स्टॉफ का योगदान – नीरज नैयर

0
518

एम एम डैनियल (ब्यूरो चीफ , चंबा)

शकुंतला मैमोरियल बीएससी नर्सिंग कॉलेज (सिद्धपुरा) चंबा में अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें सदर विधायक चंबा नीरज नैयर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की । वहीं शकुंतला मैमोरियल बीएससी नर्सिंग कॉलेज की ओर से चेयरमैन नवीन चौणा व प्राचार्य अंजू ठाकुर ने ट्रस्ट पदाधिकारियों, सदस्यों व स्टाफ सहित अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

इस अवसर पर अपने अभिवादन में सदर विधायक नीरज नैयर ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में नर्सिंग स्टाफ का सदैव ही अहम योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के रूप में पूरा विश्व मना रहा है। जिसका मुख्य कारण फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्म की सालगिरह के रूप में मनाया जाता है। पहली बार ‘नर्स दिवस’ को मनाने का प्रस्ताव अमेरिका के स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण विभाग के अधिकारी ‘डोरोथी सदरलैंड’ ने प्रस्तावित किया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डी.डी. आइजनहावर ने इसे मनाने की मान्यता प्रदान की। इस दिवस को वर्ष 1953 में पहली बार मनाया गया। अंतरराष्ट्रीय नर्स परिषद ने इस दिवस को पहली बार वर्ष 1965 में मनाया। उन्होंने कहा कि नर्सिंग पेशेवर की शुरुआत करने वाली प्रख्यात ‘फ़्लोरेन्स नाइटिंगेल’ के जन्म दिवस 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के रूप में मनाने का निर्णय वर्ष 1974 में लिया गया। फ्लोरेंस नाइटेंगल के बारे में कहा जाता हैं, कि वह रात के समय अपने हाथों में लालटेन लेकर अस्‍पताल का चक्‍कर लगाया करती थी। उन दिनों बिजली के उपकरण नहीं थे, फ्लोरेंस को अपने मरीजों की इतनी फिक्र हुआ करती थी कि दिनभर उनकी देखभाल करने के बावजूद रात को भी वह अस्‍पताल में घूमकर यह देखती थी कि कहीं किसी को उनकी जरूरत तो नहीं है।उन्‍होंने अपना पूरा जीवन गरीबों, बीमारों और दुखियों की सेवा में समर्पित किया। इसके साथ ही उन्‍होंने नर्सिंग के काम को समाज में सम्‍मानजनक स्‍थान दिलवाया। इससे पूर्व नर्सिंग के काम को हिकारत की नजरों से देखा जाता था। सन् 1860 में फ्लोरेंस के अथक प्रयासों का सुखद परिणाम आर्मी मेडिकल स्‍कूल की स्‍थापना के रूप में मिला। इसी वर्ष में फ्लोरेंस ने नाइटेंगल ट्रेनिंग स्‍कूल की स्‍थापना की। इसी साल फ्लोरेंस ने नोट्स ऑन नर्सिंग नाम की पुस्‍तक का प्रकाशन किया। यह नर्सिंग पाठ्यक्रम के लिए लिखी गई विश्‍व की पहली पुस्‍तक है। ‘लेडी बिथ द लैम्प’ के नाम से पहचानी जाने वाली आधुनिक नर्सिंग की जननी ‘फ्लोरेंस नाइटिंगेल’ की याद में ही यह दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आज के दिन मनाते हुए हमें नर्सिंग दाता फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए वह ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।


वहीं इससे पूर्व कॉलेज चेयरमैन नवीन चौणा ने अपने संबोधन बताया कि अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस पर सप्ताहिक खेलकूद और अन्य गतिविधियों का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि सप्ताहिक खेलकूद प्रतियोगिता और अन्य कार्यक्रमों में कॉलेज के प्रशिक्षुओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। आयोजित प्रतियोगिताओं में 100 मीटर दौड़, जेवलिन थ्रो डिस्कस थ्रो लॉन्ग जंप प्रतीक प्रतियोगिताओं का जहां आयोजित की गई वही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रेणी में समूह गान एकल गान एकल नृत्य समूह नृत्य प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया जिसमें कॉलेज की प्रशिक्षण छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया उन्होंने बताया कि शकुंतला मेमोरियल बीएससी नर्सिंग कॉलेज द्वारा प्रशिक्षकों को मेडिकल प्रशिक्षण के अतिरिक्त हर गतिविधियों में समय-समय पर निपुण करने के प्रयास किए जा रहे हैं वहीं उन्होंने बताया कि मेडिकल शिक्षा के अतिरिक्त उन्हें सामान्य ज्ञान रिक्शा से भी अवगत कराया जाता है ताकि निकट भविष्य में किसी भी इंटरव्यू में वे अपने को सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों की श्रेणी में शामिल कर सके।


वहीं कार्यक्रम के अंत में मुख्यातिथि सदर विधायक नीरज नैयर ने खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता विजेता -उपविजेता सहित मेघावी प्रशिक्षुओं को प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर शकुंतला मेमोरियल बीएससी नर्सिंग कॉलेज निदेशक आभा चौड़ा ट्रस्ट मेंबर वसीम मिर्जा सुनील शर्मा सचिव शिवांक शर्मा सहित कॉलेज स्टाफ व प्रशिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here