केलांग (रंजीत लाहौली/संवाददाता),
फिर से लाहौल के स्पीति घाटी की एक ओर बेटी ने किया स्पीति घाटी का नाम रोशन। जनजातीय जिला लाहौल के स्पीति घाटी के रंगरिक गाँव की कुंजंग लाहमो ने (social work) में यूजीसी की नेटऔर जेआरएफ क्वलीफाई कर पूरे स्पीति घाटी का नाम रोशन किया है। भारतीय युनिवर्सिटी में JRF जुनियर रिसर्च fellowship और असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए NET परीक्षा पास करना अनिवार्य है। लोगों की मदद करने की जुनून ने कुजंग ने समाजिक कार्यों को आपना कैरियर चुना है। समाज सेवा एक शैक्षिक एवं व्यवसायिक विधा है। जो सामुदायिक संगठन एंव अन्य विधियों द्वारा लोगों एंव समूहों के जीवन स्तर को उन्नत बनाने का प्रयास है। कुजंग ने स्कूली शिक्षा, आधुनिक शिक्षा सिद्ध वाडी धर्मशाला, सीनियर सेकेंडरी, आर्मी पब्लिक स्कूल योल कैंट BA दिल्ली विश्वविद्यालय और MA केंद्रीय विश्व विधालय से की है। कुजंग ने हिम तेंदुआ संरक्षण के लिए इंडिया ट्रस्ट लेह लद्दाख रूरल चैरिटेबल ट्रस्ट धर्मशाला में इंटर्नशिप भी की है। कुजंग के पिता काजा के बीडीओ कार्यालय में कार्यरत हैं और उन्हीं को ही वह अपनी सफलता का भी श्रेय देती है।

