राजगढ़ : राजगढ़ शहर के पानी के स्त्रोतों की निरंकारी सेवादारों द्वारा की गई सफाई

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राजगढ़ (पवन तोमर/ब्यूरो चीफ),

आजादी के 75वें ‘अमृत महोत्सव’ के तत्वावधान में सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज एवं निरंकारी राजपिता के पावन कर कमलों द्वारा दिल्ली में प्रातः 8.00 बजे ‘अमृत परियोजना’ के अंतर्गत ‘स्वच्छ जल स्वच्छ मन’ का शुभारम्भ यमुना छठ घाट (आई. टी. ओ.) से किया गया। इसके साथ ही सत्गुरु माता जी के पावन आशीर्वाद से यह परियोजना समूचे भारतवर्ष के 1100 से अधिक स्थानों के 730 शहरों, 27 राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में विशाल रूप से एक साथ आयोजित की गई। राजगढ़ संगत के सयोजक भोला नाथ साहनी ने यहाँ मिडिया को जानकारी देते हुए बताया कि बाबा हरदेव सिंह की शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए संत निरंकारी मिशन द्वारा निरंकारी सत्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के दिव्य निर्देशन में ‘अमृत परियोजना’ का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जिला सिरमौर के राजगढ़ शहर के पानी के स्त्रोतों की राजगढ़ निरंकारी सेवादारो द्वारा साफ़ – सफाई की गई | सेवादारो द्वारा सबसे पहले शहर के सबसे पुराने स्त्रोत जोकि हाब्बन सड़क पर है उसकी अच्छे से सफाई की गई | साथ ही आसपास उगी कांटेदार झाड़ियों को भी नष्ट किया गया | इसके साथ ही सब्जी मंडी में भी जल स्त्रोतों की साफ सफाई की | यह अभियान सेवादारो द्वारा सुबह 6 बजे से शुरू किया गया था | राजगढ़ संगत के शिक्षक राकेश धवन ने बताया कि इस परियोजना का शुभारम्भ सत्गुरू माता सुदीक्षा जी महाराज ने दिल्ली से शुरू किया | उन्होंने जल की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परमात्मा ने हमे यह जो अमृत रूपी जल दिया है तो हम सभी का कर्त्वय बनता है कि हम सब उसकी उसी तरह संभाल करे। स्वच्छ जल के साथ साथ मनों का भी स्वच्छ होना अत्यंत आवश्यक है | क्योंकि इसी भाव के साथ हम संतो वाला जीवन जीते हुए सभी के लिये परोपकार का ही कार्य करते है। इस दौरान संगत के पूर्व संचालक गनपत राम ने बताया कि स्त्रोतों की साफ सफाई के बाद शहर की भी सफाई की गई जिसमें प्लास्टिक के लिफाफों को उठाकर नष्ट किया गया |

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