सिरमौर (ब्यूरो रिपोर्ट),
जिला सिरमौर व्यवसायिक प्रशिक्षण संघ का एक प्रतिनिधिमंडल उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान से मिला और उनके समक्ष वोकेशनल शिक्षकों की स्थाई नीति की मांग रखी। वोकेशनल शिक्षक 2013 से लेकर अभी तक बाहरी कम्पनियों के द्वारा नियुक्त किये जाते रहे हैं। लेकिन इन कम्पनियों ने अत्यधिक शोषण कर सरकार व सरकारी खजाने को भी खाली कर दिया है। यह प्रति शिक्षक की सैलरी का 14 प्रतिशत चार्ज लेते हैं जोकि सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ पड़ रहा है। यदि सरकार इन शिक्षकों को विभाग में मर्ज कर देती हैं तो सरकार को 24 प्रतिशत का सीधा लाभ मिलेगा। क्योंकि अभी सरकार को वेतन का 10% अपने पास से देना पड़ता हैं और 90% केंद्र सरकार से मिलता है। जबकि 14% सरकार इन कम्पनियों को अतिरिक्त चार्ज देती हैं। इसलिए व्यवसायिक शिक्षक लगातार सरकार से यही गुहार लगा रहे हैं कि हमें इन कम्पनियों की गुलामी से आजादी दिलाई जाए। ताकि हम भी एक सम्मानजनक जीवनयापन कर सकें। माननीय उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने पूर्ण आश्वासन दिलाया कि हम वचनबद्ध है कि आपके लिए भविष्य में एक अच्छी नीति लेकर आएंगे जिससे 2000 व्यवसायिक शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो पाएगा और नियमितीकरण का रास्ता प्रशस्त हो पाएगा। इस शिष्टाचार भेंट में अध्यक्ष मोहन छींटा, उपाध्यक्ष शिवानंद शर्मा, सचिव जीवन सिंह चौहान, सुभाष ठाकुर, दिनेश ठाकुर, राजेंद्र सूर्या, हितेंद्र चौहान, अंकित पुंडीर, मोहित परमार और देवेंद्र आदि लोग शामिल रहे।

