जिला सिरमौर की दराबली पंचायत के महालाना गाँव का “सौरव शर्मा” बनेगा सेना में लेफ्टिनेंट

0
726

राजगढ़ (निशेष शर्मा, संवाददाता),
जिला सिरमौर की दराबली पंचायत के छोटे से गाँव महालाना के सौरव शर्मा ने राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सेना में उच्च अधिकारी के चयन के लिए UPSC द्वारा Combined Defence Service (CDS) की परीक्षा मे All India में 110वां रैंक हासिल कर सेना में लेफ्टिनेंट बनने का सपना पूरा कर लिया है। इसके बाद सौरव इंडियन मिलिट्री अकादमी देहरादून से लगभग एक वर्ष की कठिन ट्रेनिंग से गुजरेंगे। आपको बताते चलें की सौरव बचपन से ही सेना में अफसर बनाने का सपना देखा करता था, जोकि आज उनकी मेहनत, लग्न व लक्ष्य को प्राप्त करने के जज्बे से पूरा हो गया है। सौरव का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने अपने चाचा – चाची सुरजीत कुमार शर्मा व अर्चना शर्मा के पास रहकर राजगढ़ के SVN पब्लिक स्कूल से की, पांचवी कक्षा JVM पब्लिक स्कूल नारग से की। कक्षा छठी में उनका चयन जवाहर नवोदय विद्यालय नाहन के लिय हो गया। सौरव पढ़ने में बहुत अच्छे थे, उन्होंने 12वीं कक्षा नॉन- मेडिकल संकाय में प्रथम स्थान पर रहकर पूरी की। उसके बाद उनका चयन यूनिवर्सिटी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, शिमला में हुआ, यहां से इन्होंने अपनी बी टेक की पढ़ाई पूरी की। साथ साथ कंपीटिटिव परीक्षाओं की तैयारियों में भी जुट गए।

बता दें कि इससे पहले तीन बार उनका चयन NDA में भी हो चुका था, लेकिन इंटरव्यू में सफल नहीं हो पाए थे। फिर भी सौरव ने हिम्मत नही हारी और उससे भी बड़ा मुकाम हासिल कर अपने गावँ, क्षेत्र व जिला का नाम रोशन किया है। सौरव की दादी लाजवंती पोते की इस कामयाबी से बहुत खुश है। शिक्षकों की पृष्टभूमि के इस परिवार का यह होनहार बेटा अब देश की सेवा करेगा। बता दें कि सौरव के दादाजी स्वर्गीय कलीराम प्राथमिक शिक्षक थे जो केन्द्रीय मुख्य शिक्षक के पद से रिटायर हुए थे। सौरव के पिता विजय कुमार शर्मा वर्तमान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय वासनी में बतौर इतिहास के प्रवक्ता हैं तथा माता सुषमा शर्मा एक कुशल गृहणी है। इनकी बहन वर्षा वर्तमान में रा व मा पा मोगीनन्द में वोकेशनल अध्यापक के पद पर कार्यरत है। सौरव के चाचा सुरजीत कुमार शर्मा वर्तमान में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोटला- बांगी में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत है।

सौरव के पिता ने बताया कि उनके भाई सुरजीत शर्मा तथा उनकी पत्नी अर्चना शर्मा ने सौरव की पढ़ाई में अहम भूमिका निभाई है, साथ ही उन्होंने सौरव की सफलता का श्रेय उनके जीजा रिटायर कला अध्यापक जग्गनाथ शर्मा तथा बहन कान्ता शर्मा को भी दिया है, उन्होंने बताया कि सौरव ने प्रारंभिक शिक्षा का अधिकांश भाग उनके पास रहकर तथा उनके मार्गदर्शन में पूर्ण किया है। उस समय पर उनका सौरव की पढ़ाई में किया गया योगदान वह कभी नही भुला सकते।

कहते है कि यदि आप जरूरत मंदो की सहायता करते हो तो भगवान आपकी भी सहायता करते हैं, बताते है कि सौरव के पिता विजय शर्मा ने परिवार में न जाने कितने बच्चों की पढ़ाई अपने खर्चे पर करवाई है और भी न जाने कितने लोगों की आर्थिक सहायता की है। सौरव की इस उपलब्धि से जहां परिवार में खुशियों का माहौल है, वही समस्त क्षेत्र में तैयारियों में लगे बच्चों के लिए एक प्रेरणा का स्वरूप बना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here